गया: स्टील प्लांट ब्लास्ट में गोटीबांध गांव के 6 मजदूरों की मौत, कई घायल

गया जिले के डुमरिया प्रखंड के गोटीबांध गांव के छह मजदूरों की छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार स्थित स्टील प्लांट हादसे में मौत हो गई। रोज़गार की तलाश में परदेस गए ये मजदूर विस्फोट की चपेट में आए। गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है।

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BNT Desk: गया जिले के नक्सल प्रभावित डुमरिया प्रखंड के काचर पंचायत अंतर्गत गोटीबांध गांव के लिए गुरुवार का दिन कभी न भूलने वाला बन गया। रोज़गार की तलाश में छत्तीसगढ़ गए गांव के छह मजदूरों की एक भीषण हादसे में मौत हो गई। इस खबर ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

कैसे हुआ हादसा

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार स्थित एक निजी स्टील प्लांट में गुरुवार सुबह करीब 10 बजे कोयला भट्ठी के पास अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। गैस रिसाव और आग की चपेट में आकर कई मजदूर झुलस गए। रेस्क्यू के दौरान 11 मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन छह मजदूरों को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया।

गया के मृत मजदूरों की पहचान

हादसे में जान गंवाने वाले सभी मजदूर गया जिले के डुमरिया प्रखंड के गोटीबांध गांव के निवासी थे। मृतकों में श्रवण कुमार (22 वर्ष), राजदेव कुमार (22 वर्ष), जितेंद्र (37 वर्ष), बदरी भुइयां (42 वर्ष), विनय भुइयां (40 वर्ष) और सुंदर भुइयां (40 वर्ष) शामिल हैं। एक ही गांव के छह लोगों की मौत से इलाके में शोक की लहर है।

इस हादसे में गांव के कल्पू भुइयां (44 वर्ष) और रामू भुइयां (34 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। इसके अलावा झारखंड के कुछ मजदूर भी हादसे में जख्मी हुए हैं।

गांव में मातम का माहौल

जिन घरों से कुछ दिन पहले मजदूरी के लिए लोग निकले थे, वहां अब चीत्कार और सन्नाटा है। कहीं पिता और पुत्र की एक साथ मौत हो गई, तो कहीं छोटे-छोटे बच्चे अनाथ हो गए हैं। पूरा गोटीबांध गांव शोक में डूबा है।

प्रवासी मजदूरी की पीड़ा

यह हादसा गया जिले के गरीब इलाकों की उस सच्चाई को सामने लाता है, जहां रोजगार की कमी लोगों को जान जोखिम में डालकर बाहर जाने को मजबूर करती है। बार-बार होने वाले ऐसे हादसे मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

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