शिक्षा के मंदिर में हिंसा? समस्तीपुर के बीएड कॉलेज के प्रिंसिपल पर जानलेवा हमले का केस

समस्तीपुर के CTE बीएड कॉलेज में प्रिंसिपल डॉ. पवन कुमार सिंह पर कर्मी आलोक कुमार का सिर फोड़ने का आरोप लगा है। घटना के बाद प्रिंसिपल के चेंबर में शराब की बोतलें मिलने का वीडियो भी वायरल हुआ है। पुलिस हमले और शराब कांड, दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।

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BNT Desk: जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आजाद चौक स्थित सीटीई बीएड कॉलेज में रविवार की शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कॉलेज के एक कर्मचारी लहूलुहान हालत में मिले। आरोप है कि कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. पवन कुमार सिंह ने अपने ही स्टाफ पर जानलेवा हमला किया है। डायल 112 की टीम ने घायल कर्मी को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

ऑफिस बुलाकर पेपर वेट से किया हमला

घायल कर्मचारी की पहचान खगड़िया के रहने वाले आलोक कुमार के रूप में हुई है। आलोक यहाँ कंसलटेंट के पद पर काम करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रिंसिपल पिछले दो महीनों से उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। आलोक का आरोप है कि रविवार शाम जब वे प्रिंसिपल के ऑफिस गए, तो वहां विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान गुस्से में आकर प्रिंसिपल ने टेबल पर रखा भारी ‘पेपर वेट’ उनके सिर पर दे मारा, जिससे उनका सिर फट गया और काफी खून बहने लगा।

प्रिंसिपल के चेंबर में शराब? वीडियो ने मचाई खलबली

इस पूरी घटना के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो कॉलेज के प्रिंसिपल के चेंबर का है, जिसमें शराब की बोतलें साफ नजर आ रही हैं। पीड़ित आलोक ने भी आरोप लगाया है कि प्रिंसिपल अक्सर नशे की हालत में रहते हैं और उनका व्यवहार ठीक नहीं रहता। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में कॉलेज की साख पर सवाल उठ रहे हैं और पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।

प्रिंसिपल की सफाई: “खुद ही अपना सिर फोड़ लिया”

दूसरी ओर, आरोपी प्रिंसिपल डॉ. पवन कुमार सिंह ने इन सभी आरोपों को झूठा बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने हमला नहीं किया, बल्कि आलोक ने खुद को चोट पहुंचाई है। प्रिंसिपल के मुताबिक, आलोक के कमरे से बदबू आने की शिकायत मिली थी, जब उन्हें सफाई के लिए टोका गया तो वे बदतमीजी करने लगे और गुस्से में खुद ही पेपर वेट सिर पर मार लिया। वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए प्रिंसिपल ने कहा कि वह वीडियो ‘AI’ से बनाया गया है और उन्हें फंसाने की साजिश है।

पुलिस जांच में जुटी, सच का इंतजार

फिलहाल पुलिस के पास दोनों पक्षों की अपनी-अपनी दलीलें हैं। एक तरफ खून से लथपथ कर्मचारी है, तो दूसरी तरफ शराब की बोतलों वाला वायरल वीडियो। मुफस्सिल थाना पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सबूत जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि चेंबर के सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि गलती किसकी थी।

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