BNT Desk: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की याचिका पर सोमवार, 5 जनवरी को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह सुनवाई न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा की अदालत में हुई। लालू यादव ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे।
हाईकोर्ट से लालू परिवार को झटका
दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद यादव की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को निर्देश दिया कि वह जल्द से जल्द अपना जवाब दाखिल करे। इस मामले में अब अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।
निचली अदालत का क्या था फैसला
अक्टूबर 2025 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC टेंडर से जुड़े मामले में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आरोप तय किए थे। इस मामले में उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा उनके बेटे और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी आरोपी हैं। सभी पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अदालत की टिप्पणी
राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा था कि लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया। अदालत के अनुसार, टेंडर की पात्रता शर्तों में कथित तौर पर हेरफेर किया गया और निर्णय प्रक्रिया में लालू यादव की सक्रिय भूमिका रही, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
क्या है IRCTC टेंडर मामला
यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि IRCTC के तहत आने वाले कुछ होटलों और उनसे जुड़ी जमीनों को नियमों की अनदेखी करते हुए निजी कंपनियों को पट्टे पर दिया गया।
‘लैंड फॉर जॉब’ मामला क्या है
‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में आरोप है कि रेलवे में नौकरियों के बदले जमीन ली गई। इस मामले में CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच जारी है। आज की सुनवाई को इस पूरे मामले में आगे की कानूनी दिशा तय करने के लिए अहम माना जा रहा है।