बिहार क्रिकेट के उभरते सितारे और वर्तमान कप्तान सकीबुल गनी ने बुधवार को वह कर दिखाया, जिसे दुनिया देखती रह गई। विजय हजारे ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेलते हुए गनी ने महज 32 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया। इस पारी के साथ ही वह विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में सबसे तेज शतक जड़ने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। रांची के जेएससीए मैदान पर गनी का बल्ला नहीं, बल्कि आग बरस रही थी।
ईशान किशन का रिकॉर्ड भी टूटा
सकीबुल गनी ने अपनी इस तूफानी पारी में कुल 40 गेंदें खेलीं और नाबाद 128 रन बनाए। उनकी इस पारी में 12 गगनचुंबी छक्के और 10 चौके शामिल थे। गनी ने अपनी इस पारी से भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ी ईशान किशन का रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया है। ईशान ने कर्नाटक के खिलाफ 33 गेंदों में शतक जड़ा था, लेकिन गनी ने 32 गेंदों में ही यह कारनामा कर दिखाया। इस शानदार प्रदर्शन के बाद से हर तरफ बस उन्हीं के नाम की चर्चा हो रही है।
मोतिहारी से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर
26 साल के सकीबुल गनी का जन्म 2 सितंबर 1999 को बिहार के मोतिहारी जिले में हुआ था। उनकी क्रिकेट की शुरुआत स्थानीय एकेडमी से हुई, जहां उन्होंने अपनी तकनीक को निखारा। दाएं हाथ के इस धाकड़ बल्लेबाज और मीडियम तेज गेंदबाज ने अंडर-19 लेवल पर भी कमाल दिखाया है। गनी की मेहनत ही थी कि उन्होंने पहले स्थानीय क्रिकेट में अपनी जगह बनाई और फिर राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का मान बढ़ाया।
डेब्यू मैच में भी बनाया था वर्ल्ड रिकॉर्ड
यह पहली बार नहीं है जब गनी ने रिकॉर्ड तोड़ा हो। उन्होंने अपने रणजी ट्रॉफी डेब्यू मैच में ही मिजोरम के खिलाफ 341 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर दुनिया को चौंका दिया था। अब तक 28 फर्स्ट क्लास मैचों में वह 2000 से ज्यादा रन बना चुके हैं। उनके नाम 5 शतक और 8 अर्धशतक भी दर्ज हैं। बिहार का यह खिलाड़ी जिस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, उसे देखकर लगता है कि जल्द ही वह भारतीय टीम का दरवाजा भी खटखटा सकता है।