BNT Desk: सिर्फ 3 साल की नन्ही उम्र में सर्वज्ञ ने वह उपलब्धि हासिल कर ली, जिस तक पहुंचने में दूसरों को कई साल लगते हैं। हाल ही में उसे आधिकारिक FIDE रेटिंग मिली है, जिससे वह दुनिया का सबसे कम उम्र में रेटेड होने वाला खिलाड़ी बन गया है। यह उपलब्धि इसलिए और खास है क्योंकि आमतौर पर बच्चे इस उम्र में खेल की बारीकियों को सीखना शुरू करते हैं, जबकि सर्वज्ञ पहले ही प्रतिस्पर्धी स्तर का शतरंज खेल रहा है।
दिग्गजों से भी आगे
सर्वज्ञ की यह उपलब्धि इसलिए चर्चा में है क्योंकि विश्वनाथन आनंद, मैग्नस कार्लसन, डोममाराजू गुकेश जैसे विश्व प्रसिद्ध खिलाड़ियों ने भी इतनी कम उम्र में रेटेड टूर्नामेंट नहीं खेला था। जहां आनंद ने 6 साल की उम्र में शतरंज सीखा, वहीं कार्लसन 5 साल की उम्र में इस खेल से जुड़े। गुकेश ने भी 7 साल की उम्र के बाद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया। इस तुलना से सर्वज्ञ की उपलब्धि और भी बड़ी हो जाती है।
लगातार मेहनत और परिवार का योगदान
सर्वज्ञ के माता-पिता बताते हैं कि उसे बहुत कम उम्र से ही पजल्स और बोर्ड गेम्स का शौक था। जैसे ही उन्होंने बच्चे की रुचि पहचानी, उसे प्रोफेशनल ट्रेनिंग दिलाई। प्रतिदिन कुछ मिनटों की प्रैक्टिस ने धीरे-धीरे उसे तेज सोचने और चालों को समझने में मदद की। कोच का कहना है कि सर्वज्ञ में असाधारण एकाग्रता है, जो उसके खेल को बाकी बच्चों से अलग बनाती है।
भविष्य की उम्मीदें और विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञ मानते हैं कि इतनी छोटी उम्र में FIDE रेटिंग मिलना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन वे यह भी कहते हैं कि बच्चे पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए। वे चाहते हैं कि सर्वज्ञ खेल को मज़े के रूप में ले और अपनी स्वाभाविक प्रतिभा को धीरे-धीरे आगे बढ़ाए। फिलहाल उसकी यह उपलब्धि शतरंज जगत के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।