गोलीबारी मामले में अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार
मुंबई पुलिस के अनुसार, टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कथित शूटर रेहान उर्फ सुक्का, फूल सिंह और बेगूसराय निवासी ऋतिक कुमार उर्फ रोशन के नाम शामिल हैं। जांचकर्ताओं का दावा है कि इस घटना को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य अनिल पंडित के निर्देश पर अंजाम दिया गया था। हालांकि, मामले में सभी आरोपियों की भूमिका और कथित गिरोह से उनके संबंधों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होनी है।
सलमान खान के घर की रेकी के बाद बदली गई थी योजना?
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि आरोपियों ने पहले बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित आवास की रेकी की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने के कारण कथित तौर पर योजना बदल दी गई और बाद में टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने की बात सामने आई। हालांकि, इस दावे को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट में मुंबई पुलिस के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि पूछताछ के दौरान किसी अन्य बॉलीवुड हस्ती को निशाना बनाने की जानकारी की पुष्टि नहीं हुई। ऐसे में सलमान खान के घर की रेकी और योजना बदले जाने के दावे को फिलहाल जांच के दायरे में देखा जा रहा है।
ऋतिक कुमार समेत तीन आरोपियों से होगी पूछताछ
बेगूसराय निवासी ऋतिक कुमार उर्फ रोशन की भूमिका की पड़ताल भी मुंबई पुलिस कर रही है। पुलिस ने अदालत से आरोपियों की हिरासत मांगी, ताकि गोलीबारी की योजना, कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों और आरोपियों के बीच संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। अदालत ने तीन प्रमुख आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस इस अवधि में उनसे पूछताछ कर घटना से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने की कोशिश करेगी।
गोलीबारी के पीछे के मकसद की जांच जारी
जांच एजेंसियां अब तक गोलीबारी के वास्तविक मकसद का स्पष्ट खुलासा नहीं कर सकी हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना की योजना किसने बनाई, कथित निर्देश किसने दिए और गोलीबारी को अंजाम देने में किस आरोपी की क्या भूमिका थी। मामले में गिरफ्तारियों के बावजूद जांच अभी जारी है। पुलिस की पूछताछ और जुटाए जा रहे साक्ष्यों से आगे और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्ष और अदालत के फैसले से पहले साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।