पटना: साइबर सिक्योरिटी का एडवांस्ड कोर्स शुरू, CNLU-C-DAC देंगे ट्रेनिंग; 17 नवंबर तक आवेदन

BNT
By
4 Min Read

BNT Desk: बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल हमलों को देखते हुए चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (CNLU), पटना और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के उपक्रम C-DAC ने साइबर सुरक्षा से जुड़ा एडवांस्ड सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू करने की पहल की है। इस कार्यक्रम में बिहार पुलिस की साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (CCSU) लॉ एनफोर्समेंट पार्टनर के तौर पर शामिल है।

 

60 घंटे में साइबर सिक्योरिटी से डिजिटल फोरेंसिक्स तक

CNLU के कुलसचिव प्रो. एसपी सिंह के अनुसार, सर्टिफिकेट प्रोग्राम में कुल आठ मॉड्यूल होंगे। इसमें साइबर सिक्योरिटी की बुनियादी जानकारी के साथ नेटवर्किंग और नेटवर्क सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग और पेनिट्रेशन टेस्टिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा रिवर्स इंजीनियरिंग के जरिए मालवेयर एनालिसिस, इंसिडेंट रिस्पांस, डिजिटल फोरेंसिक्स और साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन जैसे विषय भी पाठ्यक्रम में शामिल किए गए हैं।

 

साइबर कानून और डेटा प्रोटेक्शन की भी पढ़ाई

कोर्स में साइबर अपराध के तकनीकी पहलुओं के साथ कानूनी जानकारी भी दी जाएगी। इसमें Digital Personal Data Protection Act, 2023 के साथ साइबर कानून, प्राइवेसी और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े विषय पढ़ाए जाएंगे। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को साइबर अपराध की पहचान और जांच के साथ उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना है।

 

डीपफेक और फर्जी फोटो की पहचान भी सीखेंगे

AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डीपफेक और डिजिटल फ्रॉड भी बड़ी चुनौती बन रहे हैं। पाठ्यक्रम में प्रतिभागियों को साइबर फ्रॉड से निपटने के व्यावहारिक तरीकों के साथ असली और नकली फोटो की पहचान करने की तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

 

30 दिन चलेगा हाइब्रिड कोर्स

यह पूरा सर्टिफिकेट प्रोग्राम 30 दिन यानी कुल 60 घंटे का होगा। कक्षाएं 21 नवंबर से 20 दिसंबर 2026 तक शनिवार और रविवार को आयोजित की जाएंगी। हर दिन छह घंटे की कक्षा होगी। छात्रों और कामकाजी लोगों की सुविधा के लिए इसे हाइब्रिड मोड में संचालित किया जाएगा। प्रतिभागी ऑनलाइन लाइव और ऑफलाइन दोनों माध्यम से प्रशिक्षण ले सकेंगे। ऑफलाइन प्रैक्टिकल क्लास CNLU परिसर स्थित साइबर सेंटर में होगी।

 

कुल 45 सीटों पर मिलेगा प्रवेश

इस प्रोग्राम में कुल 45 सीटें निर्धारित की गई हैं। ऑफलाइन मोड से दाखिला लेने वाले प्रतिभागियों के लिए फीस 24 हजार रुपये, जबकि ऑनलाइन लाइव मोड की फीस 18 हजार रुपये रखी गई है। फीस में ट्यूशन, डिजिटल स्टडी मैटेरियल, प्रैक्टिकल सेशन और परीक्षा शामिल हैं। मूल्यांकन में 50 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले प्रतिभागियों को CNLU और C-DAC की ओर से संयुक्त प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

 

C-DAC वैज्ञानिक और साइबर एक्सपर्ट देंगे प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान C-DAC के वैज्ञानिक, बिहार पुलिस की साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट के अधिकारी, राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा स्कॉलर और डिजिटल फोरेंसिक एक्सपर्ट प्रतिभागियों को अलग-अलग विषयों की जानकारी देंगे। इससे प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल जांच और साइबर अपराध से जुड़े तकनीकी एवं कानूनी पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।

 

छात्र, पुलिसकर्मी और IT प्रोफेशनल्स कर सकते हैं आवेदन

इस कोर्स के लिए किसी भी संकाय के स्नातक और अंडरग्रेजुएट छात्र आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा लॉ और इंजीनियरिंग के विद्यार्थी, IT प्रोफेशनल्स, पुलिसकर्मी, न्यायिक अधिकारी और शिक्षक भी इसमें शामिल हो सकते हैं। आवेदन के लिए पहले से कोडिंग या प्रोग्रामिंग का अनुभव जरूरी नहीं है। कंप्यूटर की सामान्य जानकारी रखने वाले अभ्यर्थी भी इस प्रोग्राम के लिए आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 17 नवंबर 2026 तक CNLU की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

Share This Article