BPSSC दरोगा भर्ती परीक्षा विवादों में, पेपर लीक से सॉल्वर गैंग तक; 1,799 पदों की भर्ती प्रक्रिया अटकी

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BNT Desk: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की ओर से 1,799 दरोगा पदों के लिए आयोजित मुख्य परीक्षा पेपर लीक और सॉल्वर गैंग के आरोपों के बाद विवादों में घिर गई है। परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) कर रही है। जांच के दौरान अभ्यर्थियों से मिले नए सबूतों ने भी मामले को गंभीर बना दिया है। वहीं, पेपर लीक की जांच पूरी होने तक भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण को स्थगित कर दिया गया है। इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

27 मई को हुई थी 1,799 पदों की मुख्य परीक्षा

BPSSC की ओर से 1,799 दरोगा पदों पर भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा 27 मई 2026 को आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान ही पूर्णिया और गया से कथित गड़बड़ी के मामले सामने आए। पूर्णिया के एक परीक्षा केंद्र पर तैनात वीक्षक मृत्युंजय पर आरोप है कि उसने प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर उसे परीक्षा केंद्र से बाहर भेज दिया। दूसरी ओर, गया के रामपुर थाना क्षेत्र में सॉल्वर सिंडिकेट के जरिए कथित तौर पर परीक्षा में नकल कराने का मामला सामने आया। इसमें वॉकी-टॉकी और व्हाट्सएप के इस्तेमाल की बात सामने आई थी। दोनों मामलों को लेकर पूर्णिया साइबर थाना और गया के रामपुर थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई।

 

EOU ने संभाली दोनों मामलों की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार के निर्देश पर आर्थिक अपराध इकाई ने दोनों मामलों की जांच अपने हाथ में ले ली। इसके बाद जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया। SIT ने पूर्णिया और गया के जांच अधिकारियों को पटना बुलाकर दोनों मामलों की अब तक हुई जांच की समीक्षा की। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि पूर्णिया और गया में सामने आई घटनाएं अलग-अलग थीं या इनके पीछे कोई साझा नेटवर्क काम कर रहा था।

जांच का एक अहम पहलू कथित सॉल्वर गैंग के नेटवर्क का पता लगाना है। एजेंसी यह भी देख रही है कि परीक्षा से जुड़े लोगों के बीच कोई आपसी कनेक्शन था या नहीं।

 

अभ्यर्थियों से मांगे गए सबूत

जांच को आगे बढ़ाने के लिए EOU ने अपना टोल-फ्री नंबर, व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी सार्वजनिक की। इसके जरिए अभ्यर्थियों से गोपनीय शिकायतें और परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी से जुड़े सबूत उपलब्ध कराने की अपील की गई। इसके बाद बड़ी संख्या में दरोगा अभ्यर्थी EOU अधिकारियों से मिले। अभ्यर्थियों ने जांच एजेंसी को कथित धांधली से जुड़े कई दस्तावेज और अन्य सबूत सौंपे। इनमें खगौल के एक परीक्षा केंद्र से जुड़ा मामला भी सामने आया। बताया गया कि परीक्षा के दिन दो अभ्यर्थी अनुपस्थित थे, लेकिन इसके बावजूद उनकी उत्तर पुस्तिकाएं फटी हुई हालत में बरामद हुईं। इस मामले को भी जांच एजेंसी गंभीरता से देख रही है।

 

दूसरे जिलों से भी शिकायतें मिलीं

जांच के दौरान पूर्णिया और गया के अलावा कुछ अन्य जिलों से भी अभ्यर्थियों की शिकायतें सामने आने की बात कही गई है। इन शिकायतों में परीक्षा में कथित अनियमितता और गड़बड़ी से संबंधित अलग-अलग दावे किए गए हैं। EOU अब इन शिकायतों और उपलब्ध कराए गए सबूतों का सत्यापन करेगी। यदि जांच में इन शिकायतों की पुष्टि होती है तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि क्या अलग-अलग जिलों में सामने आई शिकायतों के बीच कोई संबंध है।

 

एक आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज

पूर्णिया मामले के एक मुख्य आरोपी के खिलाफ अदालत से इश्तेहार जारी हो चुका है। इसका मतलब है कि आरोपी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुलिस या अदालत के सामने पेश होना होगा। ऐसा नहीं होने पर आगे कुर्की-जब्ती जैसी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे संकेत मिलता है कि जांच अब केवल शिकायतों और सबूतों के सत्यापन तक सीमित नहीं है, बल्कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी आगे बढ़ रही है।

 

PET की तारीख घोषित होने के बाद प्रक्रिया हुई स्थगित

दरोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और अभिलेख सत्यापन के अगले चरण का इंतजार था। 12 अगस्त 2026 को BPSSC ने जानकारी दी थी कि भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण सितंबर-अक्टूबर में आयोजित किए जाएंगे। हालांकि, पेपर लीक और परीक्षा में कथित धांधली की जांच के बीच गृह विभाग के आदेश के बाद PET और अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया। इस फैसले के बाद अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से PET की तैयारी कर रहे हैं और तारीख आगे बढ़ने से उनकी तैयारी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है।

 

गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का धरना

भर्ती प्रक्रिया स्थगित किए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पटना के गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि जांच के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी जल्द स्पष्ट फैसला लिया जाए। अभ्यर्थी BPSSC और राज्य सरकार से PET की नई तारीख घोषित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी का असर उन सभी उम्मीदवारों पर पड़ रहा है, जिन्होंने मुख्य परीक्षा पास करने के बाद अगले चरण की तैयारी शुरू कर दी थी।

 

परीक्षा सुधार कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया है। बताया गया है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए गठित कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। कमेटी को रिपोर्ट देने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। इसके बाद सरकार की ओर से परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को कुछ और समय तक इंतजार करना पड़ सकता है। फिलहाल 1,799 दरोगा पदों की भर्ती प्रक्रिया जांच के बीच अटकी हुई है। EOU की SIT पूर्णिया और गया के मामलों की जांच करते हुए कथित नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। वहीं, अभ्यर्थियों की ओर से दिए जा रहे नए सबूतों का भी सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने और परीक्षा सुधार कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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