पटना: PMCH में जूनियर डॉक्टरों ने बंद की OPD सेवा, 26 सितंबर से अगले आदेश तक हड़ताल; इमरजेंसी-ICU सेवाएं रहेंगी जारी

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BNT Desk: पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल यानी PMCH में जूनियर डॉक्टरों ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 से OPD सेवा स्थगित करने का ऐलान किया है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन, पीएमसीएच की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, OPD सेवा अगले आदेश तक बंद रहेगी। हालांकि मरीजों के लिए इमरजेंसी, ICU और अन्य जरूरी जीवनरक्षक सेवाओं को जारी रखने की बात कही गई है। ऐसे में सामान्य इलाज और ओपीडी में डॉक्टर से परामर्श लेने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

26 सितंबर से अगले आदेश तक OPD सेवा बंद

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा है कि 26 सितंबर से पीएमसीएच की OPD सेवा स्थगित रहेगी। एसोसिएशन ने यह फैसला अपनी कई मांगों और डॉक्टरों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर लिया है। हालांकि, एसोसिएशन ने यह स्पष्ट किया है कि OPD बंद रहने के बावजूद अस्पताल की जरूरी और जीवनरक्षक सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। इमरजेंसी, ICU और अन्य आवश्यक सेवाएं जारी रखी जाएंगी, ताकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को इलाज मिल सके।

डॉक्टरों की सुरक्षा बना पहला बड़ा मुद्दा

जूनियर डॉक्टरों ने OPD सेवा बंद करने के पीछे चार प्रमुख मुद्दों का उल्लेख किया है। इनमें सबसे पहला मुद्दा डॉक्टरों के साथ हिंसा और उनकी सुरक्षा से जुड़ा है। एसोसिएशन ने DMCH और PMCH में डॉक्टरों के साथ हालिया हमलों का हवाला देते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि अस्पतालों में काम करने वाले चिकित्सकों को सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है। एसोसिएशन ने डॉक्टरों के साथ हिंसा की घटनाओं में संस्थागत FIR दर्ज करने और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी है। डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल में मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है।

 

DMCH और PMCH की घटनाओं पर कार्रवाई की मांग

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने DMCH और PMCH में हालिया हमलों को लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार, डॉक्टरों के साथ किसी भी तरह की हिंसा की स्थिति में संस्थागत स्तर पर FIR और प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में काम करने के दौरान सुरक्षा से जुड़ी चिंता उनके काम को भी प्रभावित करती है। इसी वजह से उन्होंने इस मुद्दे को अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है।

सहरसा के डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की मांग

PMCH के जूनियर डॉक्टरों ने सहरसा के डॉक्टरों से जुड़े मामले को भी अपनी मांगों में शामिल किया है। एसोसिएशन ने डॉ. सुशील कुमार आजाद और डॉ. रोशन लाल के खिलाफ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि इस मामले में हुई कार्रवाई की समीक्षा की जानी चाहिए और पूरे प्रकरण को निष्पक्ष तरीके से देखा जाना चाहिए। इस मांग को भी OPD सेवा स्थगित करने के फैसले के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है।

 

बॉन्ड पोस्टेड डॉक्टरों के वेतन और पदनाम का मुद्दा

जूनियर डॉक्टरों ने बॉन्ड पोस्टेड डॉक्टरों से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं। एसोसिएशन ने ऐसे डॉक्टरों के वेतन, उचित पदनाम और पारिश्रमिक में संशोधन की मांग की है। एसोसिएशन के मुताबिक, बॉन्ड पोस्टेड डॉक्टरों से जुड़ी सेवा शर्तों और भुगतान व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। इसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग से आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।

 

NOC पॉलिसी में बदलाव की मांग

चौथा प्रमुख मुद्दा स्वास्थ्य विभाग की NOC पॉलिसी से जुड़ा है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने स्वास्थ्य विभाग के 5 जून 2026 के संकल्प संख्या 3/विविध-01-19/2026 में मौजूद प्रतिबंधात्मक प्रावधानों में संशोधन की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि NOC पॉलिसी में मौजूद कुछ प्रावधानों को बदले जाने की जरूरत है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से नीति में आवश्यक संशोधन करने की मांग की गई है।

 

स्वास्थ्य विभाग से बातचीत और समयबद्ध कार्रवाई की अपील

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने स्वास्थ्य विभाग से इन सभी मुद्दों पर तत्काल बातचीत करने की अपील की है। एसोसिएशन ने मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई की जरूरत भी बताई है। डॉक्टरों की ओर से उठाए गए चार प्रमुख मुद्दों में सुरक्षा व्यवस्था, सहरसा के डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा, बॉन्ड पोस्टेड डॉक्टरों के वेतन एवं सेवा शर्तों में संशोधन और NOC पॉलिसी में बदलाव शामिल हैं। फिलहाल एसोसिएशन ने 26 सितंबर से OPD सेवा अगले आदेश तक स्थगित रखने की घोषणा की है। इसका असर सामान्य मरीजों के इलाज और डॉक्टरों से नियमित परामर्श लेने वाली व्यवस्था पर पड़ सकता है। हालांकि इमरजेंसी, ICU और अन्य जरूरी जीवनरक्षक सेवाओं को जारी रखने की बात कही गई है। अब स्वास्थ्य विभाग और जूनियर डॉक्टरों के बीच बातचीत तथा इन मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी। उपलब्ध जानकारी में OPD सेवा दोबारा शुरू करने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।

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