पटना: सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे में हाईलेवल बैठक, बाढ़ से लेकर बिहार की आर्थिक जरूरतों पर मंथन

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BNT Desk: बांकीपुर उपचुनाव के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहली बार दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर हैं। शुक्रवार को कर्तव्य भवन में हुई हाईलेवल बैठक ने बिहार की राजनीति के साथ-साथ प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा बढ़ा दी। बैठक में बिहार से जुड़े कई अहम मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय को लेकर चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा शामिल हुए। इसके अलावा बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी से संकेत मिला कि मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा केवल राजनीतिक मुलाकातों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के विकास, वित्तीय जरूरतों और लंबे समय से चली आ रही बाढ़ की समस्या जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी केंद्र के साथ बातचीत हो रही है।

 

नेपाल से आने वाली नदियों और बाढ़ पर फोकस

बैठक में बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या और नेपाल से आने वाली नदियों के जल प्रबंधन का मुद्दा प्रमुख माना जा रहा है। बिहार के कई उत्तर और पूर्वी जिलों में नेपाल से आने वाली नदियों के कारण मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति बनती है। इससे हर साल बड़ी आबादी प्रभावित होती है और कृषि, सड़क, पुल तथा अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में लंबे समय के लिए बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन की रणनीति बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बैठक में नेपाल में प्रस्तावित हाई लेवल डैम से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। नेपाल से जुड़े जल संसाधन के मुद्दे में विदेश नीति और दोनों देशों के बीच समन्वय की भी अहम भूमिका होती है। इसी वजह से विदेश मंत्री एस. जयशंकर की बैठक में मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक शुरू होने के करीब एक घंटे बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर कर्तव्य भवन से रवाना हो गए। इसके बाद बिहार के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक जारी रही।

 

वित्त मंत्री के साथ बिहार की आर्थिक जरूरतों पर चर्चा

विदेश मंत्री के जाने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक हुई। इस दौरान बिहार की वित्तीय जरूरतों और विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र से मिलने वाले सहयोग को लेकर चर्चा होने की संभावना है। बिहार लंबे समय से विशेष वित्तीय सहायता और बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स के लिए केंद्र से सहयोग की मांग करता रहा है। राज्य में सड़क, पुल, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए बड़े निवेश की जरूरत है। बैठक में बिहार की आगामी विकास योजनाओं और उनके लिए जरूरी वित्तीय संसाधनों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की मौजूदगी ने बैठक के प्रशासनिक और आर्थिक महत्व को और बढ़ा दिया।

 

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाया महत्व

बैठक में बिहार सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के साथ राज्य सरकार के अधिकारियों ने केंद्र के सामने बिहार से जुड़े प्रशासनिक और विकासात्मक मुद्दों को रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस तरह की बैठक में अधिकारियों की मौजूदगी से केंद्र और राज्य के बीच योजनाओं के क्रियान्वयन, फंडिंग और समयसीमा से जुड़े विषयों पर सीधे बातचीत का रास्ता खुलता है। मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्य सरकार की कई बड़ी योजनाएं केंद्र सरकार के सहयोग और विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों से समन्वय पर निर्भर हैं।

 

बांकीपुर उपचुनाव के बाद पहला दिल्ली दौरा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह दौरा बांकीपुर उपचुनाव के बाद पहला बड़ा दिल्ली दौरा है। यही वजह है कि राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को लेकर विशेष चर्चा है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री की केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक में बिहार के विकास और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ संभावित राजनीतिक मुलाकातों पर भी नजर बनी हुई है। बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे के बाद बिहार की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं शुरू हुई हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, केंद्रीय नेतृत्व के साथ होने वाली संभावित मुलाकातों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

 

बिहार को मिल सकती है बड़ी परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे से बिहार को कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में केंद्र से सहयोग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। खासकर बाढ़ नियंत्रण, जल संसाधन, सड़क और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर केंद्र सरकार के साथ समन्वय महत्वपूर्ण है। नेपाल से आने वाली नदियों पर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में यदि कोई ठोस पहल होती है तो इससे बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों को बड़ी राहत मिल सकती है। वहीं वित्तीय सहायता से राज्य की विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

 

आगे की बैठकों पर टिकी नजर

सम्राट चौधरी का दो दिवसीय दिल्ली दौरा अभी जारी है। ऐसे में आने वाले समय में उनकी केंद्रीय नेताओं और मंत्रियों के साथ होने वाली मुलाकातों पर सभी की नजर रहेगी।फिलहाल मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को तीन प्रमुख मुद्दों से जोड़कर देखा जा रहा है—नेपाल से जुड़े जल संसाधन और बाढ़ नियंत्रण का मुद्दा, बिहार की वित्तीय जरूरतें और राज्य की विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र से सहयोग। अब देखना होगा कि इन हाईलेवल बैठकों के बाद बिहार के लिए कौन-कौन से फैसले सामने आते हैं। यदि बाढ़ नियंत्रण, वित्तीय सहायता और बड़ी विकास परियोजनाओं को लेकर केंद्र से ठोस सहयोग मिलता है तो इसका सीधा असर राज्य के विकास और आम लोगों की सुविधाओं पर पड़ सकता है।

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