BNT Desk: बिहार के सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय किशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। लिटियाही वार्ड 17 में गुरुवार सुबह रेलवे पटरी के पास किशोर का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान ब्रह्मदेव यादव के 14 वर्षीय बेटे सत्यम कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर हत्या की आशंका जताई है। किशोर के सिर पर दो जगह गंभीर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है।
मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने देखा शव
घटना का खुलासा गुरुवार सुबह उस समय हुआ, जब कुछ लोग मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान उनकी नजर रेलवे पटरी के पास पड़े एक किशोर के शव पर गई। शव देखते ही लोगों ने इसकी जानकारी आसपास के लोगों और परिजनों को दी। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पिपरा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया।
बुधवार शाम से लापता था सत्यम
परिजनों के अनुसार, सत्यम कुमार बुधवार शाम करीब 4 बजे घर से लापता हो गया था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों और परिचितों के यहां भी उसके बारे में जानकारी ली गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। परिवार के लोग रात तक सत्यम की तलाश करते रहे। इसी बीच गुरुवार सुबह रेलवे पटरी के पास उसका शव मिलने की सूचना मिली। शव मिलने के बाद परिजनों ने मौके पर पहुंचकर उसकी पहचान सत्यम कुमार के रूप में की।
सिर पर चोट के दो निशान
पुलिस की शुरुआती जांच में किशोर के सिर पर दो जगह चोट के गंभीर निशान मिले हैं। इन चोटों को देखते हुए पुलिस ने हत्या की आशंका जताई है। प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि किशोर के सिर पर किसी भारी वस्तु या रॉड जैसी चीज से हमला किया गया होगा। हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या में इस्तेमाल हथियार को लेकर कोई पुष्टि नहीं की है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सत्यम की मौत रेलवे पटरी पर हुई या कहीं और हत्या करने के बाद शव को वहां लाकर फेंका गया। घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी।
दो भाइयों में छोटा था सत्यम
मृतक सत्यम कुमार लिटियाही वार्ड 17 निवासी ब्रह्मदेव यादव का पुत्र था। उसकी मां का नाम बबीता देवी है। सत्यम दो भाइयों में छोटा था। उसके बड़े भाई का नाम सौरभ कुमार है। सत्यम की मौत की खबर के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर किशोर घर से निकलने के बाद रेलवे पटरी तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
हत्या की आशंका पर जांच में जुटी पुलिस
पिपरा थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बुधवार शाम से सत्यम के साथ कौन-कौन लोग संपर्क में थे। पुलिस इस बात की भी जानकारी जुटा रही है कि सत्यम के लापता होने से पहले वह कहां गया था और उसके साथ कौन था। इसके अलावा आसपास के इलाकों में मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता चल सकेगा कि किशोर की मौत किस तरह की चोट से हुई और उसकी मौत का सही समय क्या था। पुलिस को उम्मीद है कि पोस्टमार्टम और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। फिलहाल पुलिस इस मामले में हत्या समेत अन्य संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि सत्यम बुधवार शाम घर से निकलने के बाद कहां गया था, रेलवे पटरी तक कैसे पहुंचा और उसके सिर पर चोट कैसे लगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।