BNT Desk: पटना जिले से करीब एक सप्ताह पहले कथित तौर पर अगवा किए गए युवक बंटी यादव का शव सोमवार को बाढ़ अनुमंडल के अथमलगोला थाना क्षेत्र में मिलने से सनसनी फैल गई। शव मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन पर करजान गांव के पास सड़क किनारे एक छोटे गड्ढे में मिट्टी से ढंका हुआ मिला। शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में लोगों की भारी भीड़ जुट गई और पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।
मिट्टी में दबा मिला शव
जानकारी के अनुसार, अथमलगोला थाना क्षेत्र के करजान गांव के पास फोरलेन सड़क किनारे लोगों ने मिट्टी से ढंका हुआ एक शव देखा। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। शव पूरी तरह सड़-गल चुका था, जिससे उसकी पहचान करना आसान नहीं था। बाद में परिजनों ने शव की पहचान बंटी यादव के रूप में की। शव मिलने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी।
6 जुलाई को हुआ था अपहरण
परिजनों के अनुसार, बंटी यादव को 6 जुलाई को पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित महावीर मंदिर के पास से अगवा किया गया था। घटना के बाद परिवार ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने कोतवाली थाना में अपहरण का मामला दर्ज कराया था। परिवार का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी पुलिस की ओर से समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
विवाद के बाद हुआ था अगवा
मृतक के परिजनों का आरोप है कि बंटी यादव का अपने घर के पास देह व्यापार में कथित रूप से शामिल कुछ लोगों से विवाद हुआ था। परिवार का दावा है कि बंटी इन गतिविधियों का विरोध करता था। इसी विवाद के कुछ दिनों बाद उसका अपहरण कर लिया गया। परिजनों का कहना है कि इस पूरे मामले की पुलिस को जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद किसी भी संदिग्ध के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
CCTV वीडियो भी आया था सामने
परिजनों का कहना है कि अपहरण से जुड़ा एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में कथित तौर पर बंटी यादव कुछ लोगों से बातचीत करते हुए दिखाई देता है। इसके बाद कुछ लोग उसे अपने साथ ले जाते नजर आते हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। परिवार का आरोप है कि वीडियो सामने आने के बाद भी पुलिस ने संदिग्ध लोगों से पूछताछ या गिरफ्तारी की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
बंटी यादव के परिजनों ने कोतवाली थाना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की होती, तो शायद बंटी की जान बचाई जा सकती थी। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही उन्होंने मामले में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
दो थानों की पुलिस कर रही जांच
शव मिलने के बाद अथमलगोला थाना पुलिस ने मामले की जानकारी पटना के कोतवाली थाना को दी। दोनों थानों की पुलिस अब मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण और हत्या के समय को लेकर अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या कहीं और करने के बाद शव को यहां लाकर दफनाया गया था या वारदात इसी इलाके में हुई।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। इस मामले में हत्या की वजह, आरोपियों की पहचान और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।