बिहार में फिल्म उद्योग का नया दौर: 51 फिल्मों की शूटिंग, अब ‘छठ’ और ‘नारी’ जैसी फिल्मों को मिलेगा सरकारी अनुदान

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार अब धीरे-धीरे फिल्म निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम (BSFDC) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान राज्य में कुल 51 फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग की अनुमति दी गई है। यह उपलब्धि राज्य में फिल्म जगत के बढ़ते भरोसे और यहां की बदलती तस्वीर को दर्शाती है।

तीन फिल्मों को मिलेगा सरकारी अनुदान

फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 51 परियोजनाओं में से तीन फिल्में—‘छठ’, ‘नारी’, और ‘घर का बंटवारा’—शूटिंग पूरी कर रिलीज भी हो चुकी हैं। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग अब इन फिल्मों को सरकारी अनुदान देने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। ये फिल्में बिहार की समृद्ध संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषयों को पर्दे पर बखूबी उतारती हैं।

भाषाओं और विषयों की विविधता

बिहार में बन रही फिल्मों में विविधता साफ देखी जा सकती है। केवल भोजपुरी ही नहीं, बल्कि हिंदी, मगही और मैथिली फिल्मों को भी बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।

  • क्षेत्रीय से अंतरराष्ट्रीय तक: शूटिंग के लिए अनुमति पाने वाली परियोजनाओं में भोजपुरी-अंग्रेजी अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं।

  • डॉक्यूमेंट्री का जलवा: सामाजिक और ऐतिहासिक विषयों पर भी जोर दिया जा रहा है। इनमें बोधगया, बिहार विधानसभा, सामाजिक बदलाव और ऐतिहासिक विरासतों पर आधारित कई डॉक्यूमेंट्री शामिल हैं।

  • आकर्षक शीर्षक: कुछ प्रमुख परियोजनाओं में ‘बिहार का जलवा’, ‘मगध पुत्र’, ‘महाबोधि मंदिर’, ‘डिजिटल युग का संस्कार’, ‘गुरुद्वारा’, ‘सरकारी मीडियम’ और ‘जीवन की शतरंज’ शामिल हैं।

 

स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसर

फिल्म निर्माण के इस विस्तार से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। एक से अधिक परियोजनाओं पर काम कर रहे प्रोडक्शन हाउस के कारण स्थानीय स्तर पर कई लाभ हो रहे हैं:

  • रोजगार का सृजन: राज्य के उभरते हुए कलाकारों और तकनीशियनों को काम मिल रहा है।

  • अन्य क्षेत्रों का विकास: शूटिंग के दौरान होटल व्यवसाय, परिवहन सेवाओं और खान-पान जैसे उद्योगों में भी मांग बढ़ रही है।

  • फिल्म पर्यटन (Film Tourism): राज्य में शूटिंग बढ़ने से बिहार को एक नए ‘फिल्म टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में पहचान मिल रही है, जिससे भविष्य में निवेश की संभावनाएं और प्रबल होंगी।

 

बिहार का फिल्म विकास निगम जिस तरह से फिल्म निर्माताओं को प्रोत्साहित कर रहा है, उससे आने वाले समय में राज्य में सांस्कृतिक और व्यावसायिक गतिविधियों में भारी उछाल देखने को मिलेगा। यदि यही गति बरकरार रही, तो बिहार जल्द ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म जगत के लिए एक पसंदीदा शूटिंग लोकेशन बन जाएगा।

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