BNT Desk: पटना का शिक्षा केंद्र कहे जाने वाले मुसल्लहपुर इलाके में स्थित मशहूर शिक्षक फैजल खान (खान सर) के कोचिंग संस्थान, ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ में अचानक आग लगने की घटना सामने आई है। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और छात्रों के बीच डर का माहौल पैदा हो गया। गनीमत रही कि समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
क्या थी घटना?
जानकारी के मुताबिक, कोचिंग में उस समय क्लास चल रही थी, जब अचानक परिसर से धुआं उठने लगा। धुएं को देखते ही वहां मौजूद सैकड़ों छात्रों और स्टाफ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकलने की कोशिश करने लगा।
हालाँकि, कोचिंग प्रबंधन और वहां मौजूद छात्रों ने तत्परता दिखाई और सूझबूझ से काम लेते हुए तुरंत आग पर काबू पाने की कोशिश की। राहत की बात यह है कि घटना के वक्त मौजूद सभी छात्र और कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है।
फायर सेफ्टी की कमी और नियमों की अनदेखी
इस घटना के बाद से ही कोचिंग संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों की मानें तो खान ग्लोबल स्टडीज के पास अग्निशमन विभाग (Fire Department) से मिलने वाला अनिवार्य NOC (No Objection Certificate) ही नहीं है।
अग्निशमन विभाग की टीम लंबे समय से लगातार जांच कर रही है और कोचिंग प्रशासन को बार-बार नोटिस भी जारी कर चुकी है। इसके बावजूद, संस्थान द्वारा सुरक्षा मानकों को पूरा करने में लापरवाही बरती गई।
पहले भी मिली थीं खामियां
यह आग कोई पहली चेतावनी नहीं है। इससे पहले भी जब फायर सेफ्टी ऑडिट की टीम ने कोचिंग परिसर की जांच की थी, तो उसमें कई गंभीर खामियां पाई गई थीं। कोचिंग में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के रास्ते भी असुरक्षित पाए गए थे।
इन चेतावनियों के बाद भी सुधार न करना कोचिंग प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। यह स्थिति न केवल प्रशासन के दावों पर सवाल उठाती है, बल्कि उन हजारों छात्रों की जान को भी जोखिम में डालती है जो रोजाना यहां पढ़ने आते हैं।
सुरक्षा सर्वोपरि: अब आगे क्या?
पटना जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में, जहां कोचिंग संस्थानों में हजारों छात्र एक साथ बैठकर पढ़ाई करते हैं, वहां फायर सेफ्टी का होना अनिवार्य है। इस घटना ने प्रशासन और कोचिंग संचालकों को एक बड़ा सबक दिया है।
अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह ऐसे सभी कोचिंग संस्थानों की कड़ाई से जांच करे जिनके पास NOC नहीं है या जो सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। छात्रों के अभिभावकों में भी अब अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। वे मांग कर रहे हैं कि संस्थान तब तक दोबारा न खोला जाए जब तक कि फायर सेफ्टी के सभी मानकों को पूरा न कर लिया जाए।
निष्कर्ष
‘खान ग्लोबल स्टडीज’ की यह घटना एक रिमाइंडर है कि शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षा के इंतजामों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उम्मीद है कि इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और कोचिंग प्रबंधन दोनों ही सख्त कदम उठाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी किसी दुखद घटना को टाला जा सके।