पटना सिविल कोर्ट पहुंचे खान सर : अग्रिम जमानत याचिका दायर, समर्थकों की भारी भीड़

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BNT Desk: बिहार के सबसे चर्चित शिक्षक और मशहूर यूट्यूबर खान सर (वास्तविक नाम फैजल खान) एक बार फिर जबरदस्त सुर्खियों में हैं। फायरिंग केस में नामजद आरोपी बनने के बाद, उन पर पुलिस की गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा था। इसी कार्रवाई से बचने के लिए शनिवार को खान सर अचानक पटना सिविल कोर्ट पहुंच गए।

अदालत परिसर में उनके आने की खबर मिलते ही वहां हड़कंप मच गया। खान सर ने अपने दोनों निजी सुरक्षा गार्डों (बॉडीगार्ड्स) के साथ मिलकर कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए याचिका दायर की है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह याचिका एडीजे (ADJ) अनुराग वर्मा की अदालत में दाखिल की गई है।

कोर्ट परिसर बना मीडिया और समर्थकों का अखाड़ा

जैसे ही वकीलों और आम लोगों को पता चला कि खान सर खुद कोर्ट पहुंचे हैं, वैसे ही अदालत परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। खान सर की एक झलक पाने के लिए उनके सैकड़ों समर्थक और छात्र वहां पहुंच गए।

इसके साथ ही मीडिया कर्मियों और कैमरामैनों ने भी पूरे कोर्ट परिसर को घेर लिया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट के आस-पास पुलिस की मुस्तैदी बढ़ा दी गई थी। खान सर को चाहने वाले छात्रों के बीच इस बात को लेकर गहरी उत्सुकता और चिंता देखी जा रही है कि उनके पसंदीदा शिक्षक को राहत मिलेगी या नहीं।

याचिका में क्या कहा खान सर के वकील ने?

खान सर के बचाव पक्ष (वकीलों) की तरफ से अदालत में जो दलीलें दी गई हैं, उसके अनुसार:

  1. अनावश्यक गिरफ्तारी का डर: खान सर की तरफ से कहा गया है कि उन्हें इस मामले में बेवजह फंसाया जा रहा है और पुलिस उन्हें बिना वजह गिरफ्तार कर सकती है।

  2. जांच में सहयोग की बात: उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि वे कानून का सम्मान करते हैं और पुलिस की हर तरह की पूछताछ या जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

  3. अस्थायी संरक्षण की मांग: वकीलों ने जज साहब से अनुरोध किया है कि जब तक इस मामले की पूरी सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक पुलिस को खान सर और उनके गार्ड्स को गिरफ्तार करने से रोका जाए।

 

क्या होती है अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail)?

सरल शब्दों में कहें तो अग्रिम जमानत कानून के तहत मिलने वाला एक ऐसा सुरक्षा कवच है, जिसका इस्तेमाल कोई भी व्यक्ति तब करता है जब उसे लगता है कि किसी मामले में पुलिस उसे झूठे या सच्चे आरोपों में गिरफ्तार कर सकती है। अगर अदालत इस याचिका को स्वीकार कर लेती है, तो पुलिस उस व्यक्ति को सीधे जेल नहीं भेज सकती और उसे तुरंत बेल मिल जाती है।

अब आगे क्या? पुलिस और कोर्ट का अगला कदम

दूसरी तरफ, पटना पुलिस और सरकारी वकील (अभियोजन पक्ष) भी शांत नहीं बैठे हैं। पुलिस इस फायरिंग कांड से जुड़े सभी सबूतों, चश्मदीदों के बयानों और सीसीटीवी फुटेज को अदालत के सामने पेश करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, पुलिस के बड़े अधिकारियों ने अभी तक इस पर खुलकर कोई बयान नहीं दिया है।

कानूनी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब गेंद पूरी तरह से अदालत के पाले में है। जज दोनों पक्षों (पुलिस और खान सर के वकीलों) की दलीलों को सुनेंगे। अगर अदालत को लगता है कि खान सर को राहत मिलनी चाहिए, तो उन्हें अग्रिम जमानत मिल जाएगी, जिससे वे गिरफ्तार होने से बच जाएंगे। लेकिन, अगर कोर्ट ने इस याचिका को खारिज (रिजेक्ट) कर दिया, तो पटना पुलिस के पास खान सर को तुरंत गिरफ्तार करने का पूरा अधिकार होगा। फिलहाल, देश भर में मौजूद उनके करोड़ों छात्रों की नजरें अब पटना सिविल कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

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