दिल्ली से दरभंगा फ्लाइट रद्द होने पर एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) के टर्मिनल पर शुक्रवार की शाम को उस समय भारी हंगामा, नारेबाजी और अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई, जब स्पाइसजेट (SpiceJet) एयरलाइंस की दिल्ली से दरभंगा (बिहार) जाने वाली एक मुख्य फ्लाइट को अचानक रद्द करने की घोषणा कर दी गई। इस अचानक हुए फैसले के कारण एयरपोर्ट पर मौजूद सैकड़ों यात्री, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी शामिल थे, बीच मझधार में फंस गए और उनका गुस्सा फूट पड़ा।

फ्लाइट संख्या SG495 के यात्रियों का फूटा गुस्सा

जानकारी के अनुसार, स्पाइसजेट की फ्लाइट संख्या SG495 दिल्ली से उड़ान भरकर दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचने वाली थी। इस फ्लाइट में यात्रा करने के लिए कई दिनों पहले से यात्रियों ने महंगी टिकटें बुक करा रखी थीं। यात्री समय पर एयरपोर्ट पहुंच गए थे, उनकी सुरक्षा जांच (Security Check) और बोर्डिंग की प्रक्रिया भी लगभग शुरू होने ही वाली थी कि तभी लाउडस्पीकर पर फ्लाइट के अचानक रद्द होने की घोषणा कर दी गई। इस अप्रत्याशित सूचना को सुनते ही यात्रियों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

‘घंटों बिठाकर रखा, न खाना दिया और न ही सही जानकारी’

हंगामा कर रहे यात्रियों का आरोप है कि स्पाइसजेट प्रबंधन का व्यवहार उनके प्रति बेहद संवेदनहीन और गैर-जिम्मेदाराना रहा। यात्रियों ने मीडिया को बताया कि फ्लाइट सुबह से ही कई घंटों की देरी से चल रही थी, लेकिन एयरलाइंस के अधिकारियों ने उन्हें कोई सटीक जानकारी नहीं दी और लगातार गुमराह करते रहे। जब फ्लाइट पूरी तरह कैंसिल हो गई, तो एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए न तो वैकल्पिक फ्लाइट (Alternative Flight) की व्यवस्था की और न ही उन्हें रहने-खाने या रिफंड देने के बारे में कोई स्पष्ट बात कही, जिससे लोग भड़क गए।

सुरक्षाकर्मियों और पुलिस को करना पड़ा बीच-बचाव

एयरपोर्ट के भीतर स्पाइसजेट के काउंटर के सामने यात्रियों की एयरलाइंस कर्मचारियों के साथ तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते भारी हंगामे और नारेबाजी में बदल गई। स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाता देख एयरपोर्ट के सुरक्षा बल (CISF) और स्थानीय पुलिस की टीम को तुरंत मौके पर पहुंचना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों ने आक्रोशित यात्रियों को शांत कराया और स्पाइसजेट के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर यात्रियों के रिफंड और ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए, तब जाकर मामला शांत हुआ।

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