नीतीश कुमार का बड़ा लक्ष्य: अगले 3 महीने में बिहार के हर महादलित टोले तक पहुंचेगा ‘नल का जल’

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना ‘हर घर नल का जल’ को लेकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। बिहार के पीएचईडी मंत्री संजय कुमार सिंह ने विभागीय समीक्षा बैठक के बाद एलान किया है कि राज्य के जितने भी छूटे हुए महादलित टोले हैं, उन सभी तक अगले तीन महीने (90 दिनों) के भीतर हर हाल में पाइपलाइन बिछाकर नल का जल पहुंचा दिया जाएगा।

15 लाख वंचित परिवारों तक तुरंत पहुंचेगी सुविधा

मंत्री संजय कुमार सिंह ने आंकड़ों को सामने रखते हुए स्वीकार किया कि राज्य में तकनीकी दिक्कतों, सुदूर भौगोलिक स्थिति या अन्य कारणों से अभी भी करीब 15 लाख परिवार ऐसे हैं, जिन्हें उनके घरों में नल का शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। इनमें से एक बड़ी आबादी महादलित और बेहद पिछड़े टोलों में रहती है। सरकार ने अब इसे एक मिशन के रूप में लिया है। मंत्री ने साफ कहा कि गर्मियों के इस मौसम में पानी की किल्लत को देखते हुए इस काम में किसी भी स्तर पर देरी या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

खराब चापाकलों को ठीक करने के लिए विशेष टीमें गठित

पेयजल की समस्या के त्वरित समाधान के लिए मंत्री ने केवल नई पाइपलाइनों पर ही भरोसा नहीं किया है, बल्कि मौजूदा संसाधनों को भी दुरुस्त करने का आदेश दिया है।

  • मरम्मत अभियान: राज्य के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में जितने भी चापाकल (हैंडपंप) मामूली खराबी के कारण बंद पड़े हैं, उन्हें तुरंत ठीक करने के लिए प्रखंड स्तर पर विशेष मोबाइल रिपेयरिंग टीमों का गठन किया गया है।

  • कंट्रोल रूम की स्थापना: पीएचईडी विभाग ने एक राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जहां आम लोग अपने इलाके में पानी की किल्लत या खराब चापाकल की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

 

नई जल योजनाओं पर दिन-रात चल रहा है काम

संजय कुमार सिंह ने बताया कि जिन इलाकों में भूजल (Groundwater) का स्तर बहुत नीचे चला गया है या जहां का पानी पीने योग्य नहीं है, वहां सतह के पानी (जैसे नदी या बड़े जलाशयों के पानी) को फिल्टर कर सप्लाई करने की नई योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन नई जल परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए ठेकेदारों और विभागीय इंजीनियरों को दिन-रात काम करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि इस मानसून और गर्मी के सीजन के बीतने से पहले बिहार के हर गरीब और महादलित परिवार की रसोई तक शुद्ध और स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी जाए।

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