BNT Desk: बिहार के युवाओं के लिए रोजगार और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति आने वाली है। राज्य सरकार ने हाजीपुर में देश का तीसरा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) स्थापित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है। इसके लिए 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिससे अब इस विश्वस्तरीय संस्थान के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
रामविलास पासवान की कर्मभूमि को बड़ी सौगात
यह संस्थान दिवंगत नेता स्व. रामविलास पासवान की कर्मभूमि हाजीपुर में बनेगा। जानकारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट की तैयारी पूरी कर ली गई है और जल्द ही यहाँ भूमि पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह संस्थान न केवल बिहार बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लिए फूड प्रोसेसिंग और तकनीकी ज्ञान का केंद्र बनेगा।
‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ का संकल्प धरातल पर
वैशाली जिला लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकर्ताओं ने इस उपलब्धि पर जश्न मनाया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि केंद्रीय मंत्री और लोजपा (R) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ का संकल्प अब धरातल पर दिखने लगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और चिराग पासवान का आभार व्यक्त करते हुए इसे बिहार के गौरव का विषय बताया।
युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार
हाजीपुर में निफ्टम खुलने से कई बड़े फायदे होंगे:
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उच्च शिक्षा: बिहार के छात्रों को अब फूड टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
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रोजगार के अवसर: फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।
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फूड हब बनेगा बिहार: बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है; इस संस्थान के आने से किसानों की उपज को सही प्रोसेसिंग मिलेगी और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
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आधुनिक तकनीक: बिहार के युवाओं को स्टार्टअप और फूड एंटरप्रेन्योरशिप के लिए विश्वस्तरीय ट्रेनिंग मिलेगी।
कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर
इस ऐतिहासिक कदम पर पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं—अवधेश कुमार सिंह, राजकुमार पासवान, संतोष शर्मा, कुंदन सिंह, वर्षा सिंह और अन्य ने बधाई संदेश भेजे हैं। उनका कहना है कि चिराग पासवान लगातार बिहार को उद्योग और विकास की नई पहचान दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और यह संस्थान उसी संघर्ष का मीठा फल है।
बिहार बनेगा फूड प्रोसेसिंग हब
वर्तमान में देश में केवल दो निफ्टम (हरियाणा के कुंडली और तमिलनाडु के तंजावुर में) कार्यरत हैं। हाजीपुर में तीसरा संस्थान खुलने से बिहार देश के प्रमुख ‘फूड प्रोसेसिंग हब’ के रूप में उभरेगा। यह संस्थान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी होगा और आत्मनिर्भर बिहार की नींव को और मजबूत करेगा।