BNT Desk: राजधानी पटना के लोगों को जल्द ही भीषण जाम और सड़कों पर होने वाली अवैध पार्किंग से राहत मिलने वाली है। जिला प्रशासन ने शहर के दो प्रमुख व्यापारिक और आवाजाही वाले केंद्रों—पटना जंक्शन और हथुआ मार्केट—को अतिक्रमण मुक्त (Encroachment Free) करने का कड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक में इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर चलेगा डंडा
अक्सर देखा जाता है कि पटना जंक्शन और हथुआ मार्केट के आसपास फुटपाथों पर अवैध दुकानों और सड़कों पर बेतरतीब खड़ी गाड़ियों के कारण पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
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सड़कें होंगी चौड़ी: अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सड़कों के किनारे लगे अवैध ठेलों और दुकानों को तुरंत हटाया जाए।
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हटेगी अवैध पार्किंग: मुख्य सड़कों को पार्किंग जोन में बदलने वाले वाहन मालिकों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और क्रेन की मदद से गाड़ियाँ जब्त की जाएंगी।
अवैध वसूली करने वाले गिरोहों पर नकेल
प्रशासन के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ असामाजिक तत्व इन इलाकों में दुकानदारों और वाहन चालकों से अवैध वसूली (रंगदारी) करते हैं।
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कठोर कार्रवाई: डीएम ने स्पष्ट किया है कि वसूली करने वाले किसी भी ‘सिंडिकेट’ को बख्शा नहीं जाएगा।
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सादी वर्दी में तैनाती: इन असामाजिक तत्वों को पकड़ने के लिए व्यस्त इलाकों में सादी वर्दी में पुलिस बल की तैनाती करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीसीटीवी से होगी 24 घंटे निगरानी
ट्रैफिक व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए प्रशासन डिजिटल निगरानी का सहारा लेगा।
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कंट्रोल रूम से नजर: जंक्शन और हथुआ मार्केट के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। कंट्रोल रूम से अधिकारी लगातार यह देखेंगे कि कहीं फिर से अतिक्रमण तो नहीं हो रहा है।
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ट्रैफिक मैनेजमेंट: सीसीटीवी की मदद से ट्रैफिक के दबाव को भांपा जाएगा और जाम की स्थिति बनते ही तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल को वहां भेजा जाएगा।
जाम मुक्त पटना की ओर बड़ा कदम
पटना जंक्शन न केवल स्थानीय लोगों बल्कि बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए भी प्रवेश द्वार है। हथुआ मार्केट में खरीदारी के लिए हजारों की भीड़ उमड़ती है। इन दोनों जगहों के व्यवस्थित होने से:
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आम जनता को आवाजाही में समय की बचत होगी।
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व्यापारियों का व्यापार सुगम और सुरक्षित होगा।
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आपातकालीन सेवाओं (एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड) को रास्ता मिलने में आसानी होगी।
प्रशासन की अपील
अधिकारियों ने स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें। सड़कों को अपनी निजी संपत्ति न समझें और कचरा या सामान सड़क पर न फैलाएं। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं होगा, बल्कि नियमित रूप से निगरानी की जाएगी ताकि शहर दोबारा जाम की चपेट में न आए।