पटना जंक्शन: ₹100 करोड़ की लागत से बनेगा 2 मंजिला आधुनिक वेटिंग हॉल, यात्रियों को मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार की राजधानी और उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण रेल केंद्रों में से एक, पटना जंक्शन, अब एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और स्टेशन पर बढ़ते दबाव को देखते हुए, पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने पटना जंक्शन को वैश्विक स्तर की सुविधाओं से लैस करने का निर्णय लिया है। करीब 100 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ यहाँ एक अत्याधुनिक, दो मंजिला पैसेंजर वेटिंग हॉल बनाया जाएगा। यह कदम न केवल स्टेशन की सूरत बदलेगा, बल्कि लाखों यात्रियों के सफर को आरामदायक और यादगार भी बनाएगा।

कैसा होगा नया पैसेंजर कॉम्प्लेक्स?

रेलवे अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए ब्लूप्रिंट के अनुसार, यह नया भवन पूरी तरह से ‘यूजर फ्रेंडली’ होगा। इस कॉम्प्लेक्स को तीन मुख्य भागों (फ्लोर्स) में बांटा गया है ताकि यात्रियों को किसी भी काम के लिए भटकना न पड़े:

  • ग्राउंड फ्लोर (टिकटिंग जोन): यहाँ आधुनिक रिजर्वेशन काउंटर और यूटीएस (अनारक्षित) टिकट काउंटर बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यात्रियों को टिकट लेने के लिए लंबी कतारों से बचाना और भीड़ को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करना है।

  • पहला तल (वेटिंग एरिया): पहले फ्लोर पर एक विशाल और आरामदायक वेटिंग हॉल तैयार किया जाएगा। यहाँ यात्रियों के बैठने के लिए विशेष एर्गोनोमिक कुर्सियाँ और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे।

  • दूसरा तल (विश्राम कक्ष): जो यात्री लंबी दूरी तय कर रहे हैं या जिनकी कनेक्टिंग ट्रेन में समय है, उनके लिए दूसरे फ्लोर पर डॉरमेट्री और रिटायरिंग रूम की सुविधा होगी।

एयरपोर्ट जैसा अनुभव और आधुनिक सुविधाएं

रेलवे का लक्ष्य है कि पटना जंक्शन पर यात्रियों को वह अनुभव मिले जो वर्तमान में केवल बड़े एयरपोर्ट्स पर मिलता है। इस नए भवन में मिलने वाली मुख्य सुविधाएं इस प्रकार होंगी:

  • स्वच्छता: आधुनिक टॉयलेट्स और सफाई की बेहतर मशीनें।

  • डिजिटल कनेक्टिविटी: हाई-स्पीड वाई-फाई और रियल-टाइम ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड।

  • पेयजल: स्टेशन के हर कोने में शुद्ध और शीतल पेयजल की व्यवस्था।

  • सुरक्षा: पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी।

पटना जंक्शन की व्यस्तता

पटना जंक्शन केवल बिहार ही नहीं, बल्कि देश के सबसे व्यस्त स्टेशनों की सूची में शामिल है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:

  • यहाँ से प्रतिदिन 200 से 250 ट्रेनों का परिचालन होता है।

  • सामान्य दिनों में रोजाना करीब डेढ़ लाख (1.5 लाख) यात्री इस स्टेशन का उपयोग करते हैं।

  • छठ, होली और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान यह संख्या बढ़कर ढाई लाख (2.5 लाख) के पार पहुँच जाती है।

इतनी बड़ी आबादी को संभालने के लिए वर्तमान इंफ्रास्ट्रक्चर कम पड़ रहा था। त्योहारों के मौसम में पैर रखने तक की जगह नहीं बचती थी। ऐसे में यह नई योजना भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) के लिए संजीवनी साबित होगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर में अन्य महत्वपूर्ण सुधार

सिर्फ वेटिंग हॉल ही नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही के लिए रेलवे पूरे स्टेशन के ढांचे को मजबूत कर रहा है:

  1. प्लेटफॉर्म का विस्तार: प्लेटफॉर्म की लंबाई और चौड़ाई को करीब 80 से 100 फीट तक बढ़ाया जाएगा। इससे ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों को प्लेटफार्म पर जगह की कमी महसूस नहीं होगी।

  2. सीढ़ियों का चौड़ीकरण: अक्सर फुटओवर ब्रिज और सीढ़ियों पर भगदड़ जैसी स्थिति बन जाती है। इसे रोकने के लिए सीढ़ियों को पहले से काफी ज्यादा चौड़ा किया जाएगा।

  3. एस्केलेटर और लिफ्ट: बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए अतिरिक्त लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जाएंगे।

जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

इस महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हाल ही में रेलवे की एक उच्च स्तरीय दो सदस्यीय टीम ने पटना जंक्शन का दौरा किया और निर्माण के लिए आवश्यक जगह का चयन (Identification) कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।

भविष्य का पटना जंक्शन

यह परियोजना पटना के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले कुछ वर्षों में पटना जंक्शन न केवल बिहार का गौरव बनेगा, बल्कि देश के शीर्ष अत्याधुनिक स्टेशनों की सूची में अपनी जगह बनाएगा। 100 करोड़ की यह निवेश राशि सीधे तौर पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को समर्पित है। अब पटना के यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करना कष्टदायक नहीं, बल्कि सुखद अहसास लगेगा।

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