BNT Desk: बिहार में लोकतंत्र की सबसे बुनियादी और मजबूत कड़ी ‘पंचायत चुनाव’ की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी चुनावों को लेकर अपनी कमर कस ली है। इस पूरी प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यानी मतदाता सूची (Voter List) के पुनरीक्षण का काम जून महीने से शुरू होने जा रहा है। इस बार आयोग ने कई ऐसे बदलाव किए हैं, जो न केवल प्रक्रिया को आधुनिक बनाएंगे, बल्कि युवाओं की भागीदारी को भी ऐतिहासिक स्तर पर ले जाएंगे।
जून से शुरू होगा विशेष अभियान: विधानसभा लिस्ट बनेगी आधार
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट तैयार करने का मुख्य आधार विधानसभा की मतदाता सूची होगी।
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ऑटोमेटिक रजिस्ट्रेशन: जिन मतदाताओं के नाम पहले से विधानसभा की सूची में दर्ज हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उनका नाम पंचायत चुनाव की सूची में अपने आप जोड़ दिया जाएगा।
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नए नाम जुड़वाना अनिवार्य: यदि किसी व्यक्ति का नाम विधानसभा की सूची में नहीं है, तो उन्हें पंचायत चुनाव में वोट डालने के लिए अपना नाम अलग से जुड़वाना होगा। बिना इसके वे अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाएंगे।
युवाओं के लिए ‘गोल्डन चांस’: 17 की उम्र में करें आवेदन
इस बार के चुनाव की सबसे बड़ी और खास बात युवाओं को मिलने वाली सहूलियत है। निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक ‘समावेशी’ (Inclusive) बनाने के लिए आयोग ने उम्र की सीमा में एक क्रांतिकारी बदलाव किया है।
अब 17 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवक-युवतियां भी वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए अग्रिम आवेदन (Advance Application) दे सकते हैं।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
जैसे ही युवा आवेदन करेंगे, उनका डेटा सिस्टम में सुरक्षित हो जाएगा। जैसे ही वे अपनी आयु के 18 वर्ष पूरे करेंगे, उनका नाम मतदाता सूची में स्वतः (Automatically) शामिल हो जाएगा। आंकड़ों के अनुसार, युवाओं में इसे लेकर काफी उत्साह है। शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन लगभग 50 और ग्रामीण इलाकों में 25 आवेदन प्राप्त हो रहे हैं।
ऑनलाइन सुधार और नए पंजीकरण की सुविधा
डिजिटल इंडिया के दौर में अब आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, उसे हटाने या किसी भी प्रकार के सुधार के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन किया जा सकता है। यह सुविधा घर बैठे उपलब्ध है, जिससे पारदर्शिता भी बनी रहती है।
कौन सा फॉर्म किसके लिए? (जरूरी जानकारी)
वोटर लिस्ट से संबंधित कार्यों के लिए अलग-अलग फॉर्म निर्धारित किए गए हैं। अपनी जरूरत के हिसाब से सही फॉर्म का चुनाव करें:
| फॉर्म नंबर | उपयोग का उद्देश्य |
| फॉर्म-6 | नया नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए। |
| फॉर्म-7 | मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए (जैसे मृत्यु या स्थान परिवर्तन की स्थिति में)। |
| फॉर्म-8 | नाम, पता, उम्र या फोटो में सुधार के लिए। नया वोटर आईडी (EPIC) कार्ड मंगवाने के लिए भी यही फॉर्म है। |
| फॉर्म-6A | एनआरआई (NRI) मतदाताओं के पंजीकरण के लिए। |
दस्तावेजों की नई शर्तें: 2004 के बाद जन्म लेने वालों के लिए नियम
इस बार दस्तावेजों की जांच को लेकर आयोग काफी सख्त है। एसआईआर (SIR) नियमों के तहत आवेदन के साथ सही दस्तावेज देना अनिवार्य है। विशेष रूप से उन युवाओं के लिए जिनका जन्म वर्ष 2004 के बाद हुआ है, नियम थोड़े कड़े हैं:
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स्वयं का जन्म प्रमाण पत्र: आवेदक को अपना बर्थ सर्टिफिकेट देना होगा।
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माता-पिता के दस्तावेज: आवेदक को अपने माता-पिता का जन्म प्रमाण पत्र भी साथ लगाना होगा।
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विदेशी नागरिकता की स्थिति: यदि माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक नहीं है, तो उनके पासपोर्ट और वीजा की फोटोकॉपी (आवेदक के जन्म के समय की) जमा करनी होगी।