BNT Desk: बुढ़ापे की डगर पर आर्थिक आजादी और सुरक्षा सबसे बड़ी जरूरत होती है। भारत सरकार ने इस बात को समझते हुए वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स के बोझ को कम करने के कई विशेष प्रावधान किए हैं। अगर आपकी उम्र 60 साल से ज्यादा है या आपके घर में कोई बुजुर्ग सदस्य हैं, तो वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इनकम टैक्स के ये खास नियम आपके बहुत काम आने वाले हैं।
आइए जानते हैं कि नई व्यवस्था में बुजुर्गों को टैक्स फाइलिंग और भुगतान में क्या-क्या रियायतें दी गई हैं।
सीनियर और सुपर सीनियर सिटीजन: कौन है कौन?
इनकम टैक्स के फायदों का लाभ लेने से पहले अपनी कैटेगरी जानना जरूरी है:
-
सीनियर सिटीजन (Senior Citizen): वे भारतीय निवासी जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है, लेकिन 80 वर्ष से कम है।
-
सुपर सीनियर सिटीजन (Super Senior Citizen): वे निवासी जिनकी उम्र 80 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है। इन दोनों ही श्रेणियों को सामान्य नागरिकों (60 साल से कम) की तुलना में अधिक टैक्स छूट सीमा (Exemption Limit) और प्रक्रियात्मक राहतें दी जाती हैं।
एडवांस टैक्स (Advance Tax) से बड़ी राहत
सामान्य तौर पर नियम है कि यदि किसी व्यक्ति की सालभर की टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से अधिक है, तो उसे किस्तों में ‘एडवांस टैक्स’ भरना होता है। लेकिन इनकम टैक्स एक्ट की धारा 207 वरिष्ठ नागरिकों को इससे मुक्त करती है।
-
किसे मिलेगी राहत: वे सीनियर सिटीजन जिनकी आय का जरिया बिजनेस या प्रोफेशन (Business or Profession) नहीं है।
-
फायदा: यदि आपकी आय केवल पेंशन, फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज या किराये से है, तो आपको एडवांस टैक्स भरने की कोई जरूरत नहीं है। आप साल के अंत में रिटर्न भरते समय ही अपना टैक्स चुका सकते हैं। 2025-26 के नियमों में भी 10,000 रुपये की यह सीमा और बुजुर्गों के लिए राहत बरकरार रखी गई है।
सुपर सीनियर सिटीजंस (80+) के लिए ऑफलाइन रिटर्न की सुविधा
डिजिटल इंडिया के दौर में जहां लगभग हर काम ई-फाइलिंग (Online) से हो रहा है, वहीं सुपर सीनियर सिटीजंस के लिए सरकार ने नरमी दिखाई है। कई बुजुर्गों को कंप्यूटर या ऑनलाइन पोर्टल चलाने में परेशानी होती है।
-
विशेष सुविधा: 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग यदि अपना रिटर्न ITR-1 या ITR-4 फॉर्म के जरिए भर रहे हैं, तो वे इसे पेपर मोड (Offline) में भी जमा कर सकते हैं। उनके लिए ई-फाइलिंग अनिवार्य नहीं है। हालांकि, सीनियर सिटीजंस (60-80 वर्ष) को अपना रिटर्न ऑनलाइन ही भरना होगा।
अन्य महत्वपूर्ण टैक्स बेनेफिट्स
वरिष्ठ नागरिकों को मेडिकल इंश्योरेंस और बैंक ब्याज पर भी अतिरिक्त छूट मिलती है:
-
धारा 80D: मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम पर सामान्य नागरिकों के लिए सीमा 25,000 रुपये है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह 50,000 रुपये तक है।
-
धारा 80TTB: बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज पर वरिष्ठ नागरिकों को 50,000 रुपये तक की कटौती (Deduction) मिलती है।