BNT Desk: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल के साथ फोन पर हुई बातचीत में अमेरिका को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। अराघची ने दो टूक शब्दों में कहा कि ईरान को अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अतीत में कूटनीति के साथ विश्वासघात किया है और बार-बार अपने वादे तोड़े हैं। अराघची के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस बातचीत में शामिल जरूर हो रहा है, लेकिन उन्हें इसके नतीजों पर यकीन नहीं है।
इस्लामाबाद में डेलिगेशन का जमावड़ा: वेंस और गालिबाफ आमने-सामने
सीजफायर और शांति बहाली के लिए इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पहुंच गए हैं।
-
अमेरिका का नेतृत्व: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) कर रहे हैं।
-
ईरान का नेतृत्व: संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) कर रहे हैं।
दिलचस्प बात यह रही कि जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस पहुंचे, तो पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर उन्हें रिसीव करने ‘सूट’ पहनकर गए। वहीं, जब ईरानी डेलिगेशन का स्वागत किया गया, तो मुनीर ‘मिलिट्री यूनिफॉर्म’ में नजर आए। इसे कूटनीतिक रूप से अलग-अलग संदेशों के तौर पर देखा जा रहा है।
प्लेन में बच्चों की लाशों के निशान: गालिबाफ का भावुक संदेश
ईरानी स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने इस्लामाबाद पहुंचने के बाद सोशल मीडिया (X) पर एक हृदयविदारक तस्वीर शेयर की। उन्होंने विमान की सीटों पर उन चार बच्चों की तस्वीरें रखी थीं, जो 28 फरवरी को ईरानी शहर मिनाब के एक प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले में मारे गए थे। तस्वीरों के साथ उनके खून से सने बैग और जूते भी रखे गए थे। ईरान का आरोप है कि इस हमले के पीछे अमेरिका और इजराइल का हाथ है। गालिबाफ ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे इस दुख और आक्रोश को बातचीत की मेज तक लेकर आए हैं।
होर्मुज संकट: अमेरिका की ओर बढ़ रहे 60 तेल टैंकर
होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में जारी तनाव और समुद्री रास्तों में रुकावट के बीच एक बड़ी हलचल देखी गई है। शिपिंग डेटा के अनुसार, दुनिया के अलग-अलग देशों के 60 से ज्यादा खाली तेल टैंकर (VLCC) अमेरिका के गल्फ कोस्ट की ओर रवाना हुए हैं। ये टैंकर वहां से अमेरिकी कच्चा तेल लोड करेंगे। जानकारों का मानना है कि वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका अपनी ओर से बैकअप तैयार कर रहा है।
ट्रम्प की चेतावनी और वेंस की सलाह
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस बातचीत से पहले आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने ईरान को खुली चेतावनी दी है कि यदि यह ‘पीस डील’ सफल नहीं हुई, तो अमेरिका फिर से हमला करने से नहीं हिचकिचाएगा। वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वे अच्छे नतीजों की उम्मीद करते हैं, लेकिन ईरान को चेतावनी दी कि वह अमेरिका के साथ ‘चालाकी’ करने की कोशिश न करे।
पिछले 24 घंटे के मुख्य अपडेट्स
-
ईरानी डेलिगेशन: मोहम्मद बाघेर गालिबाफ की अगुवाई में डेलिगेशन इस्लामाबाद में है।
-
अगली बैठक: लेबनान और इजराइल के बीच 14 अप्रैल को अमेरिका में सीजफायर पर वार्ता होगी।
-
लेबनान में तबाही: इजराइली हमलों में अब तक 1,953 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 6,000 से ज्यादा घायल हैं।
-
मिनाब स्कूल हमला: 28 फरवरी के उस हमले में 168 लोगों (बच्चों और स्टाफ) की मौत हुई थी, जिसकी टीस आज भी बातचीत में नजर आ रही है।
क्या सफल होगी इस्लामाबाद वार्ता?
एक तरफ अमेरिका की धमकियां हैं और दूसरी तरफ ईरान का गहरा अविश्वास। ऐसे माहौल में किसी ठोस नतीजे पर पहुंचना बहुत चुनौतीपूर्ण नजर आता है। पाकिस्तान इस ऐतिहासिक बातचीत की मेजबानी कर रहा है, लेकिन दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या जेडी वेंस और गालिबाफ के बीच की बर्फ पिघलेगी या फिर मध्य-पूर्व का यह संकट एक और बड़े युद्ध की ओर बढ़ जाएगा। 14 अप्रैल को होने वाली लेबनान-इजराइल वार्ता भी इस कड़ी में अहम भूमिका निभाएगी।