सावधान! अब घर में नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर? सरकार का नया आदेश—जहाँ उपलब्ध है पाइप वाली गैस (PNG), वहां काटा जाएगा कनेक्शन

BNT
By
5 Min Read

BNT Desk: पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण युद्ध और ईरान द्वारा ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) की घेराबंदी के बीच भारत में ईंधन का संकट गहराता दिख रहा है। केंद्र सरकार ने इस संकट से निपटने और गैस नेटवर्क के विस्तार में तेजी लाने के लिए एक कड़ा फैसला लिया है। नए सरकारी आदेश के अनुसार, जिन घरों में पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां अब रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।

यह कदम एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करने और घरेलू स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए उठाया गया है।

PNG नहीं लगवाया तो कटेगा LPG कनेक्शन

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी की कनेक्टिविटी पहुँच चुकी है, वहां उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर स्विच करना अनिवार्य होगा। यदि उपभोक्ता ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो उनका एलपीजी कनेक्शन डिस्कनेक्ट कर दिया जाएगा।

इसका मुख्य कारण क्या है? भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (जहाँ से दुनिया का 20% तेल और गैस गुजरता है) के ब्लॉक होने से सप्लाई चेन टूट गई है। पीएनजी घरेलू स्तर पर भी उत्पादित होती है और इसकी आपूर्ति पाइपलाइनों के जरिए होती है, जो सिलेंडरों की तुलना में वर्तमान संकट में अधिक सुरक्षित विकल्प है।

होटल-रेस्तरां पर सख्ती: ‘गैस सरचार्ज’ वसूला तो होगी कार्रवाई

ईंधन की कमी की खबरों के बीच कई होटलों और रेस्तरां ने बिल में अतिरिक्त ‘LPG चार्ज’ या ‘फ्यूल कॉस्ट रिकवरी’ जैसे शुल्क जोड़ना शुरू कर दिया था। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने बुधवार (25 मार्च, 2026) को इस पर सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि ऐसा करना ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ (Unfair Trade Practice) है। यदि कोई रेस्तरां खाने के मेनू प्राइस के ऊपर ऐसा कोई भी अतिरिक्त गैस शुल्क वसूलता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का दावा: “पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें”

देश के कई राज्यों (जैसे मध्य प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़) में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग डर के मारे (Panic Buying) अपने टैंक फुल करा रहे हैं। इस पर पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि:

  • देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार है।

  • सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।

  • कच्चा तेल (Crude Oil) का स्टॉक भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर चल रही ‘एनर्जी लॉकडाउन’ की अफवाहों पर यकीन न करें।

छत्तीसगढ़ में कमर्शियल सप्लाई पर ‘कैप’, प्राथमिकता तय

छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को पिछले महीने की खपत के 20% तक सीमित कर दिया है। साथ ही, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है जिन्हें गैस की आपूर्ति पहले की जाएगी। इनमें शामिल हैं:

  • अस्पताल, स्कूल और जेल।

  • सैन्य और अर्धसैनिक कैंप।

  • रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन।

  • होटल और रेस्तरां।

ईरान का भारत को बड़ा सहारा: हॉर्मुज से मिला रास्ता

इस वैश्विक संकट के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर भी आई है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि ईरान ने भारत सहित रूस और चीन जैसे ‘मित्र देशों’ के व्यावसायिक जहाजों को ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत है, क्योंकि इससे तेल और गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप नहीं होगी।

वैश्विक स्थिति: परमाणु ऊर्जा और इलेक्ट्रिक कारों की ओर बढ़ता रुझान

ईरान युद्ध ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। इसके कुछ बड़े असर इस प्रकार हैं:

  • दक्षिण-पूर्व एशिया: वियतनाम और फिलीपींस जैसे देश अब एआई डेटा सेंटरों की बिजली जरूरतों के लिए परमाणु ऊर्जा (Nuclear Power) के पुराने प्रोजेक्ट्स को फिर से जीवित कर रहे हैं।

  • यूरोप: पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण यूरोप में पुरानी इलेक्ट्रिक कारों (Used EVs) की मांग में भारी उछाल आया है। लोग अब पेट्रोल इंजनों से पीछा छुड़ा रहे हैं।

  • फिलीपींस: यहां ‘ऊर्जा आपातकाल’ घोषित कर दिया गया है और बिजली बाजार को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है।

Share This Article