Women T20 Asia Cup 2026: फाइनल से पहले चमारी अटापट्टू का बड़ा बयान, बोलीं- किसी भी टीम को हरा सकते हैं

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BNT Desk: Women T20 Asia Cup 2026 के फाइनल से पहले श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने अपनी टीम के प्रदर्शन और भारतीय टीम को लेकर बड़ा बयान दिया है। पाकिस्तान को सेमीफाइनल में 4 विकेट से हराकर श्रीलंका ने खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है। इस जीत के बाद कप्तान अटापट्टू अपनी टीम के प्रदर्शन से काफी खुश हैं। उनका मानना है कि श्रीलंका की टीम में इतनी गहराई है कि वह अपनी रणनीति पर सही तरीके से अमल करे तो किसी भी मजबूत टीम को हरा सकती है।

 

पाकिस्तान को हराकर फाइनल में पहुंचा श्रीलंका

महिला टी20 एशिया कप के दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका का सामना पाकिस्तान से हुआ। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 130 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पारी के शुरुआती छह ओवरों में ही कप्तान चमारी अटापट्टू, संजना कविंदी और हसिनी परेरा के विकेट गिर गए। एक समय ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान की टीम मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर सकती है। लेकिन इसके बाद श्रीलंका की युवा बल्लेबाजों ने दबाव को अच्छी तरह संभाला और मैच का रुख बदल दिया।

 

हर्षिता और कविशा की साझेदारी ने संभाली पारी

मुश्किल परिस्थिति में हर्षिता समरविक्रमा और कविशा दिलहारी ने श्रीलंका की पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 67 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस साझेदारी के दौरान दोनों ने बड़े शॉट खेलने के बजाय जोखिम कम लिया और लगातार स्ट्राइक रोटेट करते हुए रन जुटाए। इससे पाकिस्तान की गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा और श्रीलंका धीरे-धीरे लक्ष्य के करीब पहुंचने लगा। हर्षिता समरविक्रमा ने 36 रन की पारी खेली, जबकि कविशा दिलहारी ने 33 रन बनाए। दोनों की इस साझेदारी ने श्रीलंका को उस समय संभाला, जब टीम शुरुआती झटकों के बाद दबाव में थी।

 

आखिरी ओवरों में श्रीलंका ने हासिल की जीत

हर्षिता और कविशा के आउट होने के बाद भी श्रीलंका की टीम लक्ष्य से ज्यादा दूर नहीं थी। इसके बाद नीलाक्षी डी सिल्वा और कौशानी नुथ्यांगना ने पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने टीम को कोई और बड़ा झटका नहीं लगने दिया और श्रीलंका ने 8 गेंद बाकी रहते हुए पाकिस्तान को 4 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही श्रीलंका ने महिला टी20 एशिया कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। पाकिस्तान के खिलाफ इस मुकाबले में श्रीलंका ने जिस तरह शुरुआती झटकों से वापसी की, उससे टीम के आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी हुई है।

 

चमारी अटापट्टू ने टीम की गहराई की तारीफ की

मैच के बाद श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने अपनी टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम के पास कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो मुश्किल परिस्थिति में जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। अटापट्टू ने खास तौर पर हर्षिता, नीलाक्षिका और कविशा जैसी खिलाड़ियों को टीम की मजबूती बताया। उनके मुताबिक श्रीलंका के पास अच्छी फिनिशर भी हैं, जो मैच को आखिरी चरण तक ले जाकर टीम को जीत दिलाने की क्षमता रखती हैं। कप्तान ने अपनी गेंदबाजी इकाई पर भी भरोसा जताया। उनका मानना है कि श्रीलंका के पास बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी पर्याप्त विकल्प हैं। यही टीम की गहराई है, जो बड़े मुकाबलों में उसे फायदा पहुंचा सकती है।

 

बोलीं- सही योजना लागू की तो किसी को भी हरा सकते हैं

चमारी अटापट्टू का आत्मविश्वास उनके बयान में साफ नजर आया। उन्होंने माना कि श्रीलंका के पास ऐसी टीम है जो किसी भी विपक्षी टीम को चुनौती दे सकती है। कप्तान के मुताबिक अगर उनकी टीम फाइनल में अपनी योजनाओं को सही तरीके से मैदान पर लागू करती है और खिलाड़ियों को अपनी जिम्मेदारी के मुताबिक प्रदर्शन करना होगा, तो श्रीलंका किसी भी टीम को हरा सकता है। पाकिस्तान के खिलाफ शुरुआती विकेट गंवाने के बाद जिस तरह युवा खिलाड़ियों ने दबाव संभाला, वह श्रीलंका के लिए सकारात्मक संकेत है। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में भी टीम इसी तरह धैर्य के साथ खेलना चाहेगी।

 

अब भारत से होगा खिताबी मुकाबला

पाकिस्तान को हराने के बाद अब श्रीलंका के सामने फाइनल में भारतीय महिला टीम की चुनौती है। भारत ने पूरे टूर्नामेंट में मजबूत प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है। ऐसे में श्रीलंका के लिए पाकिस्तान के खिलाफ मिली जीत से हासिल आत्मविश्वास काफी महत्वपूर्ण होगा। टीम की कप्तान चमारी अटापट्टू चाहेंगी कि उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी इकाई फाइनल में भी उसी आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरे। भारत के खिलाफ मुकाबला श्रीलंका के लिए आसान नहीं होगा। भारतीय टीम के पास अनुभवी बल्लेबाजों और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण का संतुलन है। ऐसे में श्रीलंका को अपनी रणनीति पर पूरी तरह अमल करना होगा।

 

पिछली बार भी भारत को हराकर जीता था खिताब

श्रीलंका के लिए एक और सकारात्मक बात यह है कि पिछली बार एशिया कप के खिताबी मुकाबले में उसने भारत को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। इस वजह से फाइनल से पहले श्रीलंकाई टीम का आत्मविश्वास और बढ़ा हुआ है। हालांकि, इस बार परिस्थितियां अलग हैं और दोनों टीमों के प्रदर्शन के आधार पर ही मुकाबले का नतीजा तय होगा। श्रीलंका की नजर लगातार दूसरी बार खिताब जीतने पर होगी, जबकि भारत मजबूत प्रदर्शन के साथ ट्रॉफी अपने नाम करना चाहेगा। अब फाइनल में श्रीलंका की बल्लेबाजी की गहराई, गेंदबाजों की रणनीति और चमारी अटापट्टू की कप्तानी की असली परीक्षा होगी। पाकिस्तान के खिलाफ मिली शानदार वापसी के बाद श्रीलंकाई टीम आत्मविश्वास से भरी है और कप्तान का बयान साफ संकेत देता है कि टीम भारत को कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार है।

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