सीतामढ़ी: जिला पार्षद के पति की गोली मारकर हत्या, 3 दिन पहले ही ग्रामीणों ने किया था थाना में प्रदर्शन

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BNT Desk: सीतामढ़ी जिले में शनिवार सुबह जिला पार्षद के पति की गोली मारकर हत्या के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया गांव में जिला परिषद क्षेत्र संख्या-13 की सदस्य खुश्दिल देवी के पति बैद्यनाथ महतो को बदमाशों ने उस समय निशाना बनाया, जब वह सुबह टहलने के लिए घर से निकले थे। बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। वारदात को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। खास बात यह है कि हत्या से महज तीन दिन पहले ही ग्रामीणों ने डुमरा थाना परिसर पहुंचकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों ने 28 अगस्त को जिला पार्षद के आवास पर हुई कथित गोलीबारी के मामले में आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। अब उसी परिवार से जुड़े व्यक्ति की हत्या के बाद पुलिस की कार्रवाई और इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

 

सुबह टहलने निकले थे बैद्यनाथ महतो, बदमाशों ने मारी गोली

जानकारी के अनुसार, बैद्यनाथ महतो शनिवार सुबह अपने घर से टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें घेरकर गोली मार दी। हमलावरों ने लगातार कई गोलियां चलाईं। गोली लगने के बाद बैद्यनाथ महतो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। देखते ही देखते वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। हत्या की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है।

 

तीन दिन पहले डुमरा थाना में हुआ था प्रदर्शन

इस हत्या के बाद 8 सितंबर को हुआ ग्रामीणों का प्रदर्शन एक बार फिर चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, सैकड़ों लोग उस दिन डुमरा थाना परिसर पहुंचे थे। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी और 28 अगस्त की रात जिला पार्षद के आवास पर हुई गोलीबारी के मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की थी।

ग्रामीणों का आरोप था कि जिला पार्षद के घर पर गोलीबारी जैसी गंभीर घटना के बावजूद पुलिस मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। लोगों का कहना था कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। अब प्रदर्शन के सिर्फ तीन दिन बाद जिला पार्षद के पति की हत्या ने इस पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है।

 

28 अगस्त की रात पार्षद आवास पर चली थीं गोलियां

ग्रामीणों और परिजनों की ओर से दिए गए आवेदन के मुताबिक, 28 अगस्त की रात करीब 1:15 बजे जिला पार्षद के आवास पर गोलीबारी हुई थी। बताया गया था कि परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे थे। इसी दौरान अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी।

आवेदन में आरोप लगाया गया था कि आवाज सुनकर जब परिवार के सदस्य बाहर निकले तो कुछ लोग मोटरसाइकिल से भागते हुए दिखाई दिए। यह भी आरोप लगाया गया था कि घटना से पहले करीब आठ-दस लोग शराब के नशे में गाली-गलौज कर रहे थे। विरोध करने पर कथित तौर पर गोलीबारी की गई। घटना के तुरंत बाद डुमरा थाना और 112 नंबर पर सूचना दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया था। इसके बाद से ग्रामीण आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

 

पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि 28 अगस्त की घटना के बाद अगर पुलिस ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई की होती और आरोपितों को गिरफ्तार किया होता तो स्थिति अलग हो सकती थी। हालांकि, यह स्थानीय लोगों और ग्रामीणों की ओर से लगाए जा रहे आरोप हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

अब बैद्यनाथ महतो की हत्या के बाद पुलिस के सामने पहले की गोलीबारी और मौजूदा हत्या, दोनों घटनाओं की कड़ियों को जांचना चुनौती होगी। यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध है या ये अलग-अलग घटनाएं हैं।

 

हत्या के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश

जिला पार्षद के पति की दिनदहाड़े हत्या के बाद केथरिया और आसपास के इलाके में लोगों के बीच नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर चिंता है कि अगर लगातार आपराधिक घटनाएं होती रहीं तो आम लोगों की सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा।

घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस हमलावरों की पहचान, हत्या के कारण और वारदात में इस्तेमाल हथियार समेत दूसरे पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

 

हमलावरों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती

बैद्यनाथ महतो की हत्या के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हमलावरों तक पहुंचना है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि हत्या की योजना किसने बनाई, हमलावर कितने थे और वारदात के पीछे क्या वजह थी।

साथ ही 28 अगस्त को जिला पार्षद के आवास पर हुई कथित गोलीबारी के मामले की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं, इसका जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।

फिलहाल इलाके के लोग पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि हत्या में शामिल अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी हो और पूरे मामले का खुलासा किया जाए। वहीं पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से हत्या की वजह और आरोपितों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

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