BNT Desk: बिहार के कटिहार जिले में प्रतिबंधित चाइना मांगुर मछली की तस्करी का मामला सामने आया है। मत्स्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए रौतारा टोल प्लाजा के पास चाइना मांगुर मछली से लदे दो मिनी ट्रकों को पकड़ा है। दोनों वाहनों से बरामद मछली की बाजार कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान पकड़े गए एक चालक के कथित बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया है। चालक ने रास्ते में पुलिस और चेकपोस्ट पर पैसे देकर वाहन निकालने का दावा किया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मत्स्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों वाहनों में प्रतिबंधित प्रजाति की मछली लदी हुई थी। विभाग की टीम ने दोनों चालकों और एक सहयोगी को अपने कब्जे में लिया है। बरामद मछली को नियमानुसार नष्ट कराने की कार्रवाई की गई है। अब विभाग और प्रशासन के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि इतनी बड़ी खेप बंगाल से निकलकर पूर्णिया तक कैसे पहुंच रही थी।
रौतारा टोल प्लाजा पर रोके गए दोनों मिनी ट्रक
मामला रौतारा टोल प्लाजा के पास का है। मत्स्य विभाग को प्रतिबंधित चाइना मांगुर की खेप ले जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने टोल प्लाजा के आसपास निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान दो मिनी ट्रकों को रोककर उनकी तलाशी ली गई। दोनों वाहनों में बड़ी मात्रा में मछली लदी मिली। जांच के बाद मत्स्य विभाग ने मछली को प्रतिबंधित चाइना मांगुर बताया। पकड़े गए वाहनों के नंबर WB 51C 8442 और WB 65 C 4122 बताए गए हैं। विभाग के अनुसार, दोनों वाहनों से बरामद मछली की बाजार कीमत करीब पांच लाख रुपये है।
बंगाल से पूर्णिया मंडी ले जाने की बात
मत्स्य पदाधिकारी सनत कुमार के अनुसार, पूछताछ के दौरान वाहन चालकों ने बताया कि वे पश्चिम बंगाल से प्रतिबंधित चाइना मांगुर मछली लेकर पूर्णिया मंडी जा रहे थे। इस जानकारी के बाद विभाग ने तस्करी के पूरे नेटवर्क को लेकर जांच शुरू की है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मछली कहां से लोड की गई थी, इसे किसके पास पहुंचाया जाना था और इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। दोनों वाहनों को जब्त करने के साथ विभाग ने चालकों और एक सहयोगी को भी अपने कब्जे में लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
करीब 5 लाख रुपये की मछली बरामद
मत्स्य विभाग के मुताबिक, दोनों मिनी ट्रकों में लदी मछली की अनुमानित बाजार कीमत करीब पांच लाख रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मछली मिलने के बाद विभाग ने इसे गंभीर मामला माना है। कार्रवाई के बाद बरामद मछली का नियमानुसार विनष्टीकरण कराया गया। प्रतिबंधित मछली को बाजार तक पहुंचने से रोकना इस कार्रवाई का अहम हिस्सा रहा। अब विभागीय जांच का फोकस तस्करी के स्रोत और संभावित खरीदारों तक पहुंचने पर है। इसके लिए वाहन चालकों से पूछताछ की जा रही है।
चालक ने पुलिस चेकपोस्ट को लेकर किया गंभीर दावा
पूछताछ के दौरान वाहन चालक अभिजीत मोहम्मद कलीम ने कथित तौर पर एक गंभीर दावा किया। उसके अनुसार, बंगाल से पूर्णिया तक आने के दौरान रास्ते में पुलिस या चेकपोस्ट पर 400 से 500 रुपये देकर वे लोग आसानी से निकल जाते थे। हालांकि, चालक की ओर से किए गए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे केवल पूछताछ में सामने आया आरोप या दावा माना जा रहा है। इसकी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यदि यह दावा जांच में सही पाया जाता है, तो इससे रास्ते में प्रतिबंधित मछली की आवाजाही रोकने वाली निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। वहीं, यदि दावा गलत पाया जाता है तो उसके पीछे की वजह भी जांच का हिस्सा होगी।
इतनी बड़ी खेप कैसे पहुंची, जांच का विषय
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पश्चिम बंगाल से प्रतिबंधित मछली लेकर निकले दो वाहन कटिहार होते हुए पूर्णिया की ओर जा रहे थे और इतनी बड़ी खेप रौतारा टोल प्लाजा तक कैसे पहुंच गई। रास्ते में कई स्थानों पर वाहनों की जांच और निगरानी की व्यवस्था होती है। ऐसे में प्रतिबंधित मछली की खेप पहले क्यों नहीं पकड़ी गई, यह भी जांच का विषय बन गया है। मत्स्य विभाग अब इस बात की पड़ताल कर सकता है कि दोनों वाहन किस रास्ते से आए, किस स्थान से मछली लोड की गई और इसे पूर्णिया में किस मंडी या कारोबारी तक पहुंचाया जाना था।
प्रतिबंधित मछली के कारोबार पर रोक की चुनौती
चाइना मांगुर को लेकर मत्स्य विभाग पहले भी कार्रवाई करता रहा है। इसके बावजूद दूसरे राज्यों से बिहार के बाजारों तक इसकी खेप पहुंचने की घटनाएं सामने आना निगरानी व्यवस्था के लिए चुनौती माना जा रहा है। कटिहार में हुई इस कार्रवाई से यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या प्रतिबंधित मछली की तस्करी किसी संगठित नेटवर्क के जरिए की जा रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी बड़े नेटवर्क की पुष्टि नहीं हुई है। मत्स्य विभाग ने मामले में आगे की कार्रवाई की बात कही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस तस्करी के पीछे कितने लोग शामिल हैं और प्रतिबंधित मछली की सप्लाई कहां से की जा रही थी। फिलहाल दो मिनी ट्रकों की जब्ती और करीब पांच लाख रुपये की मछली की बरामदगी के बाद कटिहार में प्रतिबंधित मछली की तस्करी का मामला चर्चा में है। वहीं, चालक के कथित बयान की जांच से यह भी स्पष्ट होने की उम्मीद है कि रास्ते में वाहनों की निगरानी किस तरह की गई थी।