पटना जंक्शन: मल्टी मॉडल हब के लिए नई गाइडलाइन जारी: बसों के लिए बने सख्त नियम, उल्लंघन पर लगेगा भारी जुर्माना

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: पटना जंक्शन के पास स्थित मल्टी मॉडल हब में आए दिन लगने वाले जाम से आम जनता को निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और यात्रियों के सफर को सुगम बनाने के लिए एक नई और बेहद सख्त गाइडलाइन लागू की गई है। इसके तहत सरकारी और निजी (प्राइवेट) दोनों प्रकार की बसों के संचालन के लिए नए नियम तय किए गए हैं। प्रशासन का साफ कहना है कि जंक्शन परिसर और उसके आसपास किसी भी तरह की लापरवाही या अव्यवस्था अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एग्जिट गेट नंबर-2 से ही निकलेंगी सभी बसें

अक्सर देखा जाता था कि मल्टी मॉडल हब से बसें अलग-अलग रास्तों और मर्जी के मुताबिक गेटों से बाहर निकलती थीं। इस वजह से परिसर के ठीक बाहर की मुख्य सड़क पर गाड़ियों का भारी दबाव बन जाता था और महाजाम की स्थिति पैदा हो जाती थी।

अब नई व्यवस्था के तहत यह अनिवार्य कर दिया गया है कि हब से बाहर निकलने वाली सभी बसें केवल एग्जिट गेट नंबर-2 का ही इस्तेमाल करेंगी। एक तय रूट होने से ट्रैफिक पुलिस को वाहनों के संचालन को नियंत्रित करने में काफी आसानी होगी।

गेट के पास पार्किंग पर रोक, 12 मीटर पहले का नियम

बसों की पार्किंग को लेकर भी एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, कई बस चालक यात्रियों को तुरंत बैठाने के चक्कर में अपनी बसें मुख्य प्रवेश या निकास द्वार (गेट) के बिल्कुल सामने खड़ी कर देते थे। इससे पैदल चलने वाले यात्रियों का रास्ता रुक जाता था।

नया नियम: अब कोई भी बस गेट के ठीक पास पार्क नहीं की जा सकेगी। सभी बसों को मुख्य गेट से कम से कम 12 मीटर पहले निर्धारित किए गए पार्किंग स्लॉट में ही खड़ा करना होगा। इस नियम का पालन न करने वाले बस ऑपरेटरों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

GPO तक रास्ते में रुकने पर पाबंदी

सवारी बैठाने की होड़ में अक्सर बसें मुख्य हब से निकलने के बाद भी बीच सड़क पर रेंगती रहती हैं या अनावश्यक रूप से जगह-जगह रुकती हैं। इस आदत पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि मल्टी मॉडल हब से बाहर आने के बाद कोई भी बस रास्ते में बेवजह नहीं रुकेगी। विशेष रूप से हब से लेकर जीपीओ (GPO) गोलंबर तक के पूरे रास्ते में बसों के ठहराव पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

प्रेशर हॉर्न बजाया तो खैर नहीं, संयुक्त जांच टीम करेगी कार्रवाई

मल्टी मॉडल हब और स्टेशन रोड में ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन ने प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल पर सख्त रुख अपनाया है।

परिवहन विभाग (Transport Department) और पटना ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीमें अब हब के भीतर और बाहर बसों की औचक जांच करेंगी। यदि किसी भी सरकारी या निजी बस में नियमों के खिलाफ तेज आवाज वाला प्रेशर हॉर्न लगा पाया गया, तो मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। गंभीर मामलों में बस का परमिट रद्द करने जैसी कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा के इंतजाम

यात्रियों की सुरक्षा और पैदल चलने वाले रास्तों को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए मल्टी मॉडल हब के प्रवेश द्वार पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस जवानों को तैनात किया जा रहा है। ये पुलिसकर्मी यह सुनिश्चित करेंगे कि बसों की कतारों की वजह से ट्रेन पकड़ने आ रहे या स्टेशन से बाहर निकल रहे यात्रियों का रास्ता प्रभावित न हो।

बस मालिकों के लिए दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य

प्रशासन ने व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सभी निजी बस मालिकों को एक सप्ताह (7 दिन) का समय दिया है। इस अवधि के भीतर उन्हें अपने और अपने वाहनों से जुड़े सभी जरूरी कागजातों का वेरिफिकेशन (सत्यापन) कराना होगा। इसके तहत निम्नलिखित दस्तावेजों की जांच की जाएगी:

  • वाहन का रजिस्ट्रेशन (RC) और वैध रूट परमिट

  • चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस (DL)

  • बस मालिकों के अनिवार्य पहचान पत्र (जैसे [आधार कार्ड ओमिटेड], पैन कार्ड आदि)

इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए विशेष नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

आपसी तालमेल के लिए बनेगा ‘कॉमन व्हाट्सएप ग्रुप’

भविष्य में किसी भी आपात स्थिति या जाम की सूचना को तुरंत साझा करने के लिए मल्टी मॉडल हब प्रशासन और निजी बस ऑपरेटरों के बीच एक कॉमन व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। इसके जरिए अधिकारी सीधे बस मालिकों को निर्देश दे सकेंगे। प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि बिना परमिट के वाहनों के प्रवेश, अवैध पार्किंग और नए नियमों की अनदेखी करने वालों पर अब सीधे एफआईआर (FIR) और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।

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