BNT Desk: बिहार के पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल के पास गंगा नदी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। उमानाथ घाट के समीप बिंद टोली के रहने वाले 14 लोग एक नाव पर सवार होकर खेती के काम से समस्तीपुर के दियारा इलाके में गए थे। वहां से वापस लौटते समय तेज हवा और खराब मौसम के कारण उनकी नाव असंतुलित होकर नदी में पलट गई। इस हादसे में अब तक 2 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 5 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश युद्ध स्तर पर की जा रही है। राहत की बात यह है कि आपदा प्रबंधन की टीम ने समय रहते 7 लोगों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया है।
सुबह-सुबह खेती के सिलसिले में निकले थे सभी लोग
स्थानीय सूत्रों और प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना आज सुबह लगभग 5:45 बजे की है। बाढ़ अनुमंडल के उमानाथ घाट के पास स्थित बिंद टोली के रहने वाले कुल 14 ग्रामीण एक नाव पर सवार हुए थे। वे सभी नदी पार कर समस्तीपुर जिले के सुल्तानपुर दियारा (मोहिउद्दीननगर) जा रहे थे।
बताया जाता है कि इस इलाके के ग्रामीणों का यह रोज का नियम था। लोग अक्सर नदी पार के दियारा क्षेत्रों में परवल तोड़ने, उसकी देखरेख करने और खेती-बाड़ी से जुड़े अन्य जरूरी कार्यों के लिए आते-जाते रहते हैं। आज सुबह भी सभी लोग इसी सिलसिले में नाव पर सवार होकर निकले थे।
तेज हवा बनी काल: सुल्तानपुर दियारा के पास पलटी नाव
दियारा क्षेत्र में अपना काम खत्म करने या वापस लौटने के क्रम में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। सुल्तानपुर दियारा (समस्तीपुर) के पास नदी में बेहद तेज हवाएं चलने लगीं। तेज हवा और पानी के भारी दबाव के कारण नाव चालक अपना नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते 14 लोगों से भरी यह नाव गंगा नदी की उफनती लहरों के बीच पलट गई और सभी लोग पानी में डूबने लगे। नाव पलटते ही घाट और आसपास के इलाकों में चीख-पुकार मच गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन: 7 सुरक्षित बचाए गए, 5 की तलाश जारी
हादसे की खबर जैसे ही स्थानीय प्रशासन को मिली, तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। स्थानीय गोताखोरों और आपदा प्रबंधन विभाग (SDRF) की टीमों ने तत्परता दिखाते हुए नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
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सुरक्षित बचाए गए लोग: राहत और बचाव दल की मुस्तैदी के कारण अब तक 7 लोगों को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया गया है। इन सभी को प्राथमिक उपचार और राहत दी जा रही है।
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शव बरामदगी: बेहद दुखद बात यह है कि काफी मशक्कत के बाद प्रशासन ने 2 लोगों के शव नदी से बाहर निकाल लिए हैं। मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
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लापता लोगों की खोज: नदी में अब भी 5 लोग लापता बताए जा रहे हैं। गोताखोर और आपदा प्रबंधन की नावें लगातार नदी की धाराओं को खंगाल रही हैं ताकि उन्हें जल्द से जल्द ढूंढा जा सके।
दो जिलों का प्रशासन अलर्ट: मौके पर पहुंचे बड़े अधिकारी
इस बड़े हादसे की संवेदनशीलता को देखते हुए पटना और समस्तीपुर जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव मोड में है। घटना समस्तीपुर और पटना के सीमावर्ती इलाके (दियारा) में होने के कारण दोनों जिलों के अधिकारी आपस में बेहतर समन्वय (तालमेल) स्थापित कर रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाले हुए हैं।
मौके पर डटी टीम: वर्तमान में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), बाढ़ और पुलिस उपाधीक्षक (DSP), बाढ़ के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन की पूरी टीम घटना स्थल पर मौजूद है और पल-पल की स्थिति पर नजर रखे हुए है।
इसके साथ ही, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM), पटना भी स्वयं कुछ ही समय में बाढ़ पहुंच रहे हैं, ताकि वे अपनी देखरेख में राहत कार्यों को और तेज गति दे सकें। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जब तक आखिरी लापता व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक यह खोजी अभियान लगातार जारी रहेगा।