बिहार: केवटी BDO चंद्र मोहन पासवान के 6 ठिकानों पर EOU की छापेमारी खत्म, नेपाल तक फैली संपत्ति का दावा

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार में सरकारी पदों का दुरुपयोग कर अकूत काली कमाई जमा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नीतीश-सम्राट सरकार का कड़ा रुख जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) चंद्र मोहन पासवान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार की सुबह शुरू हुई यह छापेमारी देर शाम तक चली, जिसके बाद टीम वापस लौट गई। इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

दरभंगा और मधुबनी के 6 ठिकानों पर एक साथ छापा

EOU की विशेष टीम ने पूरी गोपनीयता बरतते हुए बीडीओ चंद्र मोहन पासवान के दो जिलों (दरभंगा और मधुबनी) में स्थित कुल 6 ठिकानों पर एक साथ धावा बोला। जांच टीम ने इन सभी जगहों को अपने घेरे में लेकर तलाशी ली।

दरभंगा जिले में इन जगहों पर हुई कार्रवाई:

  1. केवटी प्रखंड कार्यालय (BDO ऑफिस)।

  2. बीडीओ का सरकारी आवास।

  3. बहादुरपुर स्थित उनका आलीशान निजी आवास।

  4. उनके एक करीबी रिश्तेदार की दुकान।

मधुबनी जिले में यहाँ खंगाले गए दस्तावेज:

बीडीओ चंद्र मोहन पासवान मूल रूप से मधुबनी के रहने वाले हैं, इसलिए टीम ने उनके गृह जिले में भी बड़ी कार्रवाई की:

5. बाबूबरही प्रखंड के बौंसी गांव में स्थित उनका पैतृक आवास।

6. शहर में स्थित उनका एक निजी मॉल और ‘गुलाब तारा देवी नर्सिंग होम’।

नर्सिंग होम और मॉल से मिले कई चौकाने वाले कागजात

छापेमारी खत्म होने के बाद मीडिया से औपचारिक बातचीत करते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के डीएसपी ने बताया कि दिनभर चली इस कार्रवाई के दौरान टीम के हाथ कई बेहद महत्वपूर्ण और संदेहास्पद कागजात लगे हैं। बीडीओ के पैतृक घर के साथ-साथ उनके निवेश वाले मॉल और नर्सिंग होम से जमीनों के डीड, बैंक खाते, और कई कीमती संपत्तियों के दस्तावेज जब्त कर टीम अपने साथ ले गई है।

EOU के डीएसपी का आधिकारिक बयान: “सभी ठिकानों से मिले दस्तावेजों को फिलहाल जब्त कर लिया गया है। हमारी एक्सपर्ट टीम इन कागजातों की गहराई से स्क्रूटनी (जांच) कर रही है। बीडीओ की वैध आय और बरामद संपत्तियों के मूल्य का मिलान किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही कुल काली कमाई का सटीक आंकड़ा और विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।”

बिहार से लेकर नेपाल तक फैला है साम्राज्य

इस पूरे मामले की शुरुआत एक लिखित शिकायत के बाद हुई थी। मामले के मुख्य शिकायतकर्ता ने मीडिया के सामने आकर केवटी बीडीओ चंद्र मोहन पासवान पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि चंद्र मोहन पासवान एक बेहद भ्रष्ट अधिकारी हैं और उन्होंने पद पर रहते हुए जनता की गाढ़ी कमाई की जमकर लूट मचाई है।

शिकायतकर्ता ने दावा किया कि बीडीओ के पास इतनी बेनामी संपत्ति है जिसकी कल्पना करना मुश्किल है। यह साम्राज्य सिर्फ बिहार के दरभंगा या मधुबनी तक सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल में भी उन्होंने करोड़ों रुपये का निवेश कर रखा है और वहां जमीनें खरीदी हैं। शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध इकाई की पूरी टीम की सराहना की और उम्मीद जताई कि इस जांच के पूरे होने के बाद बिहार का एक बहुत बड़ा भ्रष्टाचार का मामला उजागर होगा।

सरकारी योजनाओं में करोड़ों की हेराफेरी का भी आरोप

आय से अधिक संपत्ति के अलावा बीडीओ चंद्र मोहन पासवान पर पद का दुरुपयोग कर सरकारी फंड के बंदरबांट का भी आरोप लगा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, केवटी प्रखंड में विकास कार्यों के लिए आने वाली कई सरकारी योजनाओं में कागजी हेरफेर कर करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता (घोटाला) की गई है।

अधिकारियों और बिचौलियों के गठजोड़ से सरकारी पैसों को डाइवर्ट कर निजी संपत्तियां खड़ी की गईं। फिलहाल ईओयू की छापेमारी की ग्राउंड कार्रवाई पूरी हो चुकी है। अब कानूनी और तकनीकी जांच का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि दस्तावेजों की स्क्रूटनी के बाद बीडीओ चंद्र मोहन पासवान की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं और उन पर जल्द ही कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

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