BNT Desk: मुंगेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के महानगर अध्यक्ष जुनैद मकबूर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कासिम बाजार थाना पुलिस ने लिखित शिकायत और प्रारंभिक डिजिटल सत्यापन के बाद यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, जुनैद मकबूर को बेलन बाजार स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। मामले में पुलिस ने कथित पोस्ट से जुड़े डिजिटल साक्ष्य के तौर पर उनका मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
फेसबुक पोस्ट को लेकर शुरू हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, जुनैद मकबूर के फेसबुक अकाउंट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ एक पोस्ट साझा किया गया था। इस पोस्ट में लिखा था, “दीया जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है, हमने सुबह ही जला दिया है दीया, कोई दिक्कत किसी को।” सोशल मीडिया पर पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद कासिम बाजार थाना पुलिस की ओर से पोस्ट की जांच शुरू की गई। पुलिस ने पोस्ट की सामग्री, उसके सोशल मीडिया अकाउंट और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों का प्रारंभिक सत्यापन किया। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर की गई इस कथित पोस्ट को लेकर शिकायत मिली थी। शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
बेलन बाजार स्थित आवास से गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान जुनैद मकबूर को मुंगेर के बेलन बाजार स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सोशल मीडिया पर राजनीतिक नेताओं से संबंधित पोस्ट को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। हालांकि, इस मामले में कथित पोस्ट की पूरी परिस्थितियों और उसके पीछे के उद्देश्य को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है।
कथित पोस्ट वाला मोबाइल फोन जब्त
मामले की जांच में डिजिटल साक्ष्यों को अहम माना जा रहा है। पुलिस ने उस मोबाइल फोन को जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर सोशल मीडिया पोस्ट साझा करने के लिए किया गया था। अब पुलिस इस मोबाइल फोन और उससे संबंधित डिजिटल डेटा की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संबंधित पोस्ट कब और किस डिवाइस से साझा की गई, पोस्ट का मूल स्रोत क्या था और उसे सोशल मीडिया पर किस तरीके से प्रसारित किया गया। डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की तस्वीर स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
पुलिस ने शांति और विधि-व्यवस्था का हवाला दिया
एसपी सैयद इमरान मसूद के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक पोस्ट से शांति और विधि-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। पुलिस के अनुसार, पोस्ट के सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश की स्थिति भी बनी थी। इसी आधार पर कासिम बाजार थाना में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस का कहना है कि किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट से यदि क्षेत्र में तनाव या शांति व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनती है तो उसके तथ्यों की जांच कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती है। हालांकि, कथित पोस्ट की सामग्री और उसके प्रभाव को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस कर रही डिजिटल साक्ष्यों की जांच
गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित फेसबुक पोस्ट का मूल स्रोत क्या था और इसे किस परिस्थिति में साझा किया गया। जांच में पोस्ट के समय, अकाउंट की गतिविधियों और मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड को भी देखा जा सकता है। इसके अलावा पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के बीच भी मिलान कर रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक डिजिटल सत्यापन और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जुनैद मकबूर को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। आगे डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच के आधार पर पुलिस अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाएगी। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री को लेकर कथित आपत्तिजनक पोस्ट और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़ा हुआ है।