BNT Desk: बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से रविवार, 26 अप्रैल 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के चार वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, राजभवन से लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के सचिवों की जिम्मेदारी बदली गई है।
इस फेरबदल में सबसे महत्वपूर्ण नियुक्ति लखीसराय जिले के जिलाधिकारी (DM) के रूप में हुई है। आइए जानते हैं किस अधिकारी को कौन सी नई जिम्मेदारी मिली है।
रॉबर्ट एल. चोंग्थू: अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के नए प्रधान सचिव
1997 बैच के अनुभवी आईएएस अधिकारी रबर्ट एल. चोंग्थू को अब एक नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले वे राज्यपाल के प्रधान सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। अब उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। वे अगले आदेश तक इस विभाग के कामकाज की कमान संभालेंगे।
गोपाल मीणा: राज्यपाल के नए सचिव
राजभवन के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए 2007 बैच के आईएएस अधिकारी गोपाल मीणा को राज्यपाल का सचिव बनाया गया है। श्री मीणा इससे पहले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में सचिव के पद पर तैनात थे। खास बात यह है कि उन्हें राज्यपाल के सचिव के साथ-साथ सामान्य प्रशासन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है, जिससे वे दो महत्वपूर्ण भूमिकाएं एक साथ निभाएंगे।
मोहम्मद सोहैल: सामान्य प्रशासन विभाग की कमान
2007 बैच के ही अधिकारी मोहम्मद सोहैल के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है। वे अब तक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, वे विभाग में ‘जांच आयुक्त’ (Inquiry Commissioner) का अपना पुराना अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे। प्रशासन के भीतर अनुशासन और जांच संबंधी मामलों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
शैलेन्द्र: लखीसराय के नए DM
लखीसराय जिले के निवासियों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि जिले को नया जिलाधिकारी मिल गया है। 2013 बैच के आईएएस अधिकारी शैलेन्द्र को लखीसराय का नया डीएम और समाहर्ता नियुक्त किया गया है।
लखीसराय के डीएम बनने से पहले वे कृषि विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थे। अब वे जिले के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और जिला दंडाधिकारी के रूप में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की निगरानी करेंगे।
तबादलों का मुख्य उद्देश्य
बिहार सरकार के इस कदम को प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने से जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि:
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विभागों में गति: अल्पसंख्यक कल्याण और सामान्य प्रशासन जैसे विभागों में नए सचिवों के आने से लंबित योजनाओं में तेजी आएगी।
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राजभवन तालमेल: राज्यपाल के सचिव के रूप में गोपाल मीणा की नियुक्ति से सरकार और राजभवन के बीच समन्वय और बेहतर होगा।
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क्षेत्रीय विकास: लखीसराय में नए डीएम की नियुक्ति से स्थानीय स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसमस्याओं के निपटारे में सुधार की उम्मीद है।
एक नज़र में तबादला सूची
| अधिकारी का नाम | बैच | पूर्व पद | नया पद / विभाग |
| रॉबर्ट एल. चोंग्थू | 1997 | राज्यपाल के प्रधान सचिव | प्रधान सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग |
| गोपाल मीणा | 2007 | सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार | सचिव, राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार: सामान्य प्रशासन) |
| मोहम्मद सोहैल | 2007 | सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण | सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (सह जांच आयुक्त) |
| शैलेन्द्र | 2013 | विशेष सचिव, कृषि विभाग | जिलाधिकारी (DM), लखीसराय |
बिहार सरकार द्वारा अप्रैल के अंतिम सप्ताह में किया गया यह फेरबदल दर्शाता है कि सरकार आगामी महीनों के लिए अपनी प्रशासनिक टीम को संतुलित कर रही है। इन नियुक्तियों से न केवल सचिवालय स्तर पर कामकाज में बदलाव दिखेगा, बल्कि जिला स्तर पर भी शासन की पकड़ मजबूत होगी।