BNT Desk: बिहार के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में 15 सितंबर 2026 से कई अहम पदों की जिम्मेदारियों में अस्थायी बदलाव हुआ है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई, बिहार के DGP विनय कुमार और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष केएस द्विवेदी अलग-अलग अवधि के लिए अवकाश पर हैं। इन अधिकारियों की अनुपस्थिति में सरकार की ओर से संबंधित पदों पर अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था की गई है। इन बदलावों के तहत BPSC अध्यक्ष की जिम्मेदारी फिलहाल राजस्व पर्षद की अध्यक्ष-सह-सदस्य हरजोत कौर बम्हरा को दी गई है। वहीं, DGP विनय कुमार के अवकाश के दौरान पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार प्रीता वर्मा संभालेंगी। दूसरी ओर, BPSSC अध्यक्ष केएस द्विवेदी भी करीब एक महीने के अवकाश पर बताए जा रहे हैं।
9 अक्टूबर तक छुट्टी पर रहेंगे BPSC अध्यक्ष
बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई 15 सितंबर से 9 अक्टूबर 2026 तक अवकाश पर रहेंगे। उनकी अनुपस्थिति में राजस्व पर्षद की अध्यक्ष-सह-सदस्य हरजोत कौर बम्हरा को BPSC अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। हरजोत कौर बम्हरा 1992 बैच की IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में राजस्व पर्षद की अध्यक्ष-सह-सदस्य के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब उन्हें निर्धारित अवधि के लिए BPSC के कामकाज की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। BPSC की जिम्मेदारी संभालने के दौरान उनके सामने आयोग के नियमित प्रशासनिक कामकाज के साथ भर्ती परीक्षाओं से संबंधित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
BPSC के कामकाज की जिम्मेदारी हरजोत कौर के पास
परमार रवि मनुभाई के अवकाश पर जाने के बाद आयोग के नियमित कामकाज में किसी तरह का व्यवधान न हो, इसके लिए अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था की गई है। BPSC राज्य में विभिन्न सरकारी पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाओं का आयोजन करता है। आयोग से जुड़े परीक्षा कार्यक्रम, प्रशासनिक प्रक्रियाएं और भर्ती से संबंधित कामकाज लगातार चलते रहते हैं। ऐसे में अध्यक्ष की अनुपस्थिति के दौरान अतिरिक्त प्रभार के जरिए इन जिम्मेदारियों को जारी रखने की व्यवस्था की गई है।
DGP विनय कुमार भी 21 दिनों के अवकाश पर
बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार भी 15 सितंबर से 21 दिनों के अवकाश पर गए हैं। उनकी अनुपस्थिति में प्रीता वर्मा को DGP पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रीता वर्मा वर्तमान में होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा से जुड़ी वरिष्ठ जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब विनय कुमार के अवकाश के दौरान वह पुलिस महानिदेशक पद का अतिरिक्त दायित्व भी निभाएंगी। अतिरिक्त प्रभार की अवधि में पुलिस मुख्यालय से जुड़े नियमित प्रशासनिक और विभागीय कामकाज की निगरानी उनके जिम्मे रहेगी। यह व्यवस्था DGP विनय कुमार के अवकाश से वापस आने तक प्रभावी रहेगी।
पुलिस मुख्यालय के कामकाज पर रहेगी नजर
DGP का पद बिहार पुलिस के प्रशासनिक और विभागीय कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में DGP की अनुपस्थिति के दौरान अतिरिक्त प्रभार दिए जाने का उद्देश्य पुलिस मुख्यालय के नियमित कामकाज को जारी रखना है। प्रीता वर्मा अपने मौजूदा दायित्वों के साथ DGP का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगी। पुलिस विभाग से संबंधित नियमित प्रशासनिक फैसलों और विभागीय समन्वय का काम इसी व्यवस्था के तहत आगे बढ़ेगा।
BPSSC अध्यक्ष केएस द्विवेदी भी अवकाश पर
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग यानी BPSSC के अध्यक्ष केएस द्विवेदी भी करीब एक महीने के अवकाश पर हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने पारिवारिक कारणों से छुट्टी ली है। BPSSC राज्य में पुलिस विभाग से जुड़ी विभिन्न भर्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे समय में अध्यक्ष के अवकाश पर जाने के कारण आयोग के स्तर पर भी जिम्मेदारियों की अस्थायी व्यवस्था की गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में BPSSC अध्यक्ष के अतिरिक्त प्रभार को लेकर विस्तृत नाम या अलग से जारी व्यवस्था का विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए इस संबंध में अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध होने तक किसी अन्य अधिकारी का नाम जोड़ना उचित नहीं होगा।
भर्ती परीक्षाओं के बीच बदली जिम्मेदारियां
BPSC और BPSSC दोनों ही बिहार में भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े महत्वपूर्ण आयोग हैं। एक ओर BPSC विभिन्न सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के लिए परीक्षाएं आयोजित करता है, वहीं BPSSC पुलिस विभाग से संबंधित पदों की भर्ती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे समय में दोनों आयोगों के शीर्ष पदों पर अस्थायी बदलाव हुआ है। BPSC अध्यक्ष के अवकाश के दौरान हरजोत कौर बम्हरा अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगी। वहीं, BPSSC अध्यक्ष केएस द्विवेदी के अवकाश की अवधि में आयोग के नियमित कामकाज को निर्धारित व्यवस्था के तहत जारी रखा जाएगा।
इसे पद से हटाए जाने की कार्रवाई न समझें
इन अधिकारियों की छुट्टियां निर्धारित अवधि के लिए हैं। उपलब्ध जानकारी में इन अवकाश को नियमित छुट्टी के तौर पर बताया गया है। इसलिए इसे किसी अधिकारी को पद से हटाए जाने या उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में देखना उचित नहीं होगा। अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था अधिकारियों की अनुपस्थिति के दौरान प्रशासनिक कामकाज को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए की गई है। निर्धारित अवकाश अवधि पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारी अपने पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।