BNT Desk: बेगूसराय में बाढ़ की समस्या से जूझ रहे लोगों की मदद और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगाया गया सहयोग शिविर उस वक्त चर्चा में आ गया, जब यहां एक भाजपा नेता और सदर एसडीओ के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों के बीच हुई तू-तू मैं-मैं का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
पूरा मामला मंगलवार को मटिहानी प्रखंड के मटिहानी पंचायत-2 में आयोजित सहयोग शिविर का बताया जा रहा है। यहां बेगूसराय सदर के अनुमंडल पदाधिकारी अश्वनी कुमार और भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ललन प्रसाद सिंह के बीच बहस हो गई। विवाद किस वजह से बढ़ा और मौके पर क्या हुआ, इसे लेकर दोनों पक्षों की अपनी-अपनी बातें सामने आई हैं।
बाढ़ पीड़ितों के लिए लगाया गया था सहयोग शिविर
मटिहानी पंचायत-2 में बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए सहयोग शिविर लगाया गया था। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचे थे। लोगों को उम्मीद थी कि अधिकारी मौके पर उनकी समस्याएं सुनेंगे और राहत, बाढ़ से हुए नुकसान तथा दूसरी परेशानियों के समाधान के लिए जरूरी कार्रवाई करेंगे।
बताया गया कि शिविर में बेगूसराय के डीएम भी पहुंचे थे। डीएम ने कार्यक्रम में अपनी बात रखी और इसके बाद मुख्यालय के लिए रवाना होने लगे। इसी दौरान सदर एसडीओ अश्वनी कुमार भी मंच से नीचे उतरकर उनके पीछे जाने लगे।
SDPO के जाने से लोगों में पैदा हुआ भ्रम
बताया जा रहा है कि जब लोगों ने डीएम के साथ एसडीओ को भी जाते हुए देखा तो उन्हें लगा कि अधिकारी भी शिविर छोड़कर जा रहे हैं। इससे वहां मौजूद लोगों में नाराजगी दिखाई देने लगी। इसी दौरान भाजपा नेता ललन प्रसाद सिंह ने भी इसका विरोध किया। मामला धीरे-धीरे बहस तक पहुंच गया और एसडीओ तथा भाजपा नेता के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। इसी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस पूरे मामले को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि अगर मौके पर मौजूद प्रखंड विकास पदाधिकारी समय रहते माइक से यह स्पष्ट कर देते कि एसडीओ केवल डीएम को विदा करने जा रहे हैं और इसके बाद वापस शिविर में रहकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे, तो शायद लोगों के बीच पैदा हुआ भ्रम दूर हो सकता था।
एसडीओ ने दी अपनी सफाई
विवाद के बाद सदर एसडीओ अश्वनी कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि डीएम विशेष कार्य से मुख्यालय लौटे थे। उनके अनुसार, वह स्वयं और अन्य विभागीय अधिकारी शिविर में मौजूद थे और बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं के निष्पादन का काम कर रहे थे। एसडीओ के मुताबिक, अधिकारियों का उद्देश्य शिविर से निकल जाना नहीं था। डीएम के मुख्यालय लौटने के बाद भी संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं को सुन रहे थे।
भाजपा नेता ने क्या कहा?
वहीं भाजपा नेता ललन प्रसाद सिंह ने पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि मटिहानी पंचायत-2 में सहयोग शिविर लगाए जाने की जानकारी मिली थी। उनके मुताबिक, शिविर सुबह 10 बजे से शुरू होना था, लेकिन डीएम करीब एक घंटे की देरी से पहुंचे। ललन प्रसाद सिंह के अनुसार, डीएम ने कार्यक्रम में अपनी बात रखी और इसके बाद जाने लगे। उन्होंने और वहां मौजूद लोगों ने डीएम से रुककर जनता की समस्याएं सुनने का आग्रह किया। भाजपा नेता का कहना है कि डीएम ने मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) का हवाला देते हुए मुख्यालय जाने की बात कही। इसके बाद जब एसडीओ भी वहां से निकलने लगे तो उन्होंने उन्हें रोककर जनता की समस्याएं सुनने की बात कही। ललन प्रसाद सिंह के अनुसार, इसी दौरान दोनों के बीच बहस हो गई।
गिरफ्तारी की धमकी देने का लगाया आरोप
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि बहस के दौरान एसडीओ ने उन्हें धमकाते हुए गिरफ्तार करने की बात कही। उनके अनुसार, एसडीओ ने अपने गार्ड से उन्हें गिरफ्तार करने के लिए भी कहा। हालांकि, यह भाजपा नेता की ओर से लगाया गया आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। ललन प्रसाद सिंह ने कहा कि उन्होंने भी जवाब देते हुए कहा कि पहले जनता की समस्याएं सुनी जाएं और उसके बाद ही अधिकारी वहां से जाएं। उन्होंने शिविर में मौजूद बाढ़ पीड़ितों का हवाला देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे अपनी परेशानियां लेकर वहां पहुंचे थे।
करीब आधे घंटे बाद मामला शांत हुआ
भाजपा नेता के मुताबिक, विवाद के बाद एसडीओ वहां रुके और करीब आधे घंटे तक लोगों की समस्याएं सुनी गईं। उनका आरोप है कि इसके बाद करीब 12 बजे अधिकारी वहां से चले गए। दूसरी ओर, एसडीओ की ओर से कहा गया कि वह और अन्य विभागीय अधिकारी शिविर में मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं के समाधान में जुटे थे। ऐसे में घटना को लेकर दोनों पक्षों की अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं।
वायरल VIDEO के बाद बढ़ी चर्चा
भाजपा नेता और एसडीओ के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। वीडियो में दोनों के बीच बहस होती दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो के सामने आने मात्र से पूरे घटनाक्रम की सभी परिस्थितियां स्पष्ट नहीं होती हैं। घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था, अधिकारियों की कार्यशैली और जनसमस्याओं को सुनने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। खासकर बाढ़ जैसे संकट के बीच लगाए गए सहयोग शिविर में इस तरह का विवाद सामने आने से लोगों के बीच चर्चा तेज है। फिलहाल, इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग बातें सामने आई हैं। विवाद की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर संबंधित अधिकारियों की जांच या अन्य आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।