पटना: JDU दफ्तर में नीतीश कुमार का ‘सरप्राइज विजिट’: खाली कुर्सियां देख मची खलबली, भागे-भागे पहुंचे मंत्री अशोक चौधरी

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BNT Desk: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सर्वोच्च नेता नीतीश कुमार ने आज अचानक पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचकर सबको चौंका दिया। नीतीश कुमार का यह दौरा इतना अचानक था कि वहां मौजूद नेताओं और कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। आमतौर पर कड़े प्रोटोकॉल के साथ चलने वाले नीतीश कुमार जब अचानक जेडीयू दफ्तर के अंदर दाखिल हुए, तो वहां का नजारा देखने लायक था।

 कार्यकर्ताओं में भरा जोश, बोले- “चिंता मत कीजिए, सब ठीक हो रहा है”

जैसे ही नीतीश कुमार की गाड़ी जेडीयू पार्टी कार्यालय के परिसर में रुकी, वहां मौजूद कार्यकर्ताओं में हलचल तेज हो गई। नीतीश कुमार ने बेहद सादगी और गर्मजोशी के साथ वहां मौजूद तमाम छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।

पार्टी के भीतर चल रही सियासी सुगबुगाहटों और चर्चाओं के बीच नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाते हुए कहा:

“आप लोग बिल्कुल चिंता मत कीजिए। जमीन पर मुस्तैदी से काम करते रहिए, बैकएंड पर सब कुछ ठीक हो रहा है और आगे भी सब अच्छा ही होगा।”

नीतीश कुमार के इस भरोसे ने जेडीयू कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भर दिया है। राजनीति के जानकार इसे आगामी चुनावों और सांगठनिक मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं को एक्टिव रखने की एक कवायद मान रहे हैं।

मंत्रियों की ‘जनसुनवाई’ का समय, लेकिन कुर्सियां थीं खाली!

दरअसल, जेडीयू प्रदेश कार्यालय में नियमित रूप से ‘जनसुनवाई कार्यक्रम’ का आयोजन किया जाता है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि सरकार और पार्टी के बड़े मंत्री कार्यालय में बैठें, ताकि राज्य के कोने-कोने से आए आम लोग और कार्यकर्ता अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे मंत्रियों के सामने रख सकें।

नियम के मुताबिक, इस जनसुनवाई कार्यक्रम में सरकार के कम से कम तीन मंत्रियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना था। लेकिन आज जब नीतीश कुमार अचानक वहां पहुंचे, तो नजारा बिल्कुल उलटा था। जनसुनवाई के टेबल पर एक भी मंत्री मौजूद नहीं था। मंत्रियों की गैरमौजूदगी और खाली कुर्सियों को देखकर माहौल में अचानक तनाव तैर गया।

खबर मिलते ही भागे-भागे पहुंचे मंत्री अशोक चौधरी

नीतीश कुमार के अचानक जेडीयू दफ्तर पहुंचने और वहां एक भी मंत्री के न होने की खबर जैसे ही बाहर निकली, प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया। मंत्रियों के फोन घनघनाने लगे।

इसके तुरंत बाद, नीतीश कुमार के बेहद करीबी और सरकार के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी को जैसे ही भनक लगी, वे अपना सारा कामकाज छोड़कर भागे-भागे जेडीयू पार्टी कार्यालय पहुंचे। मंत्री जी हांफते-कांपते हुए नीतीश कुमार के सामने हाजिर हुए। हालांकि, तब तक नीतीश कुमार पार्टी दफ्तर का जायजा ले चुके थे और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कर रहे थे।

महज 10 मिनट का रुकना, लेकिन दे गए बड़ा सियासी संदेश

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जेडीयू कार्यालय में बहुत ज्यादा देर नहीं रुके। वे लगभग 10 मिनट तक वहां ठहरे। इस छोटे से समय में ही उन्होंने दफ्तर की व्यवस्था को देखा, कार्यकर्ताओं से बात की, मंत्रियों की अनुपस्थिति को भी भांपा और फिर वहां से मुस्कुराते हुए निकल गए।

नीतीश कुमार का यह 10 मिनट का ‘सरप्राइज विजिट’ जेडीयू के भीतर एक बड़ा संदेश दे गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार ने इस औचक दौरे के जरिए अपनी ही पार्टी के मंत्रियों और बड़े नेताओं को यह कड़ा संदेश दिया है कि वे संगठन और जनता के कार्यों को लेकर ढिलाई न बरतें। जब जनसुनवाई का समय तय है, तो मंत्रियों को वहां मौजूद रहना ही होगा। इस घटना के बाद अब जेडीयू दफ्तर में मंत्रियों की उपस्थिति को लेकर सख्ती बढ़ने के आसार हैं।

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