BNT Desk: पटना वासियों के लिए आज यानी गुरुवार को मेट्रो सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी। इसका मुख्य कारण भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच होने वाला महत्वपूर्ण ‘ट्रायल रन’ है। इस ट्रायल के कारण भूतनाथ और पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के बीच यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, शुक्रवार से मेट्रो की सेवाएं अपने पुराने समय के अनुसार सामान्य रूप से शुरू हो जाएंगी।
2.75 किमी के नए सेक्शन की जांच
मेट्रो प्रशासन अब भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच 2.75 किलोमीटर लंबे नए हिस्से पर ट्रेन चलाकर परीक्षण कर रहा है। इस दौरान विशेषज्ञ निम्नलिखित पहलुओं की बारीकी से जांच करेंगे:
- ट्रैक की भार सहने की क्षमता।
- ब्रेकिंग सिस्टम और सिग्नलिंग का तालमेल।
- विभिन्न गतियों पर मेट्रो का संतुलन।
पहले इस निरीक्षण के लिए कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम 25 फरवरी को आने वाली थी, लेकिन किन्हीं कारणों से उनका दौरा टल गया। अब पटना मेट्रो और दिल्ली मेट्रो (DMRC) की टीम मिलकर यह जॉइंट ट्रायल कर रही है।
अभी 3.45 किमी में चल रही है मेट्रो
फिलहाल भूतनाथ से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के बीच 3.45 किलोमीटर तक मेट्रो का संचालन हो रहा है। नए 2.75 किमी सेक्शन के जुड़ने के बाद पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी तक कुल 6.2 किलोमीटर एलिवेटेड ट्रैक पर मेट्रो दौड़ेगी। इस रूट पर पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरोमाइल, भूतनाथ, खेमनीचक और मलाही पकड़ी सहित कुल पांच स्टेशन होंगे। खेमनीचक स्टेशन को एलिवेटेड इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां से कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 दोनों दिशाओं में मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी। इसी वजह से स्टेशन के निर्माण में अतिरिक्त समय लग रहा है।
परियोजना की लागत और भविष्य की योजना
पटना मेट्रो की कुल लंबाई 31.9 किमी प्रस्तावित है, जिसे बनाने में लगभग 13,365 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें बिहार सरकार, केंद्र सरकार और जापान की एजेंसी (JICA) का सहयोग शामिल है। अगले चरण में मेट्रो को खेमनीचक से मीठापुर के बीच चलाने की तैयारी है। इसके लिए बिजली के खंभे लगाने का काम शुरू हो चुका है और जल्द ही पटरियां बिछाने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मार्च में अंतिम सुरक्षा निरीक्षण (CMRS Inspection) के बाद इस नए रूट के उद्घाटन की तारीख तय कर दी जाएगी।