BNT Desk: पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की दर्दनाक मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में जहानाबाद के कारगिल चौक पर जबरदस्त प्रदर्शन हुआ। ‘राष्ट्रीय ब्रह्मर्षि सामाजिक फाउंडेशन’ के बैनर तले आयोजित इस एक दिवसीय धरने में भारी संख्या में महिलाएं, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक दोषियों को फांसी नहीं मिलती, वे चुप नहीं बैठेंगे।
राज्यसभा सांसद डॉ. अखिलेश सिंह ने उठाए सवाल
धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए बड़े शहरों में पढ़ने भेजते हैं, लेकिन वहाँ उनकी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि शुरुआत में प्रशासन ने मामले को दबाने और “लीपा-पोती” करने की पूरी कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सच्चाई सबके सामने ला दी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला गैंगरेप का सच
सांसद अखिलेश सिंह ने पुलिस की कार्यप्रणाली और SIT के गठन पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “पहले कहा जा रहा था कि कुछ गलत नहीं हुआ, लेकिन रिपोर्ट ने पुष्टि कर दी है कि बिटिया के साथ गैंगरेप हुआ था।” उन्होंने मांग की है कि न केवल अपराधियों को फांसी दी जाए, बल्कि उन डॉक्टरों और अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई हो जिन्होंने जांच में लापरवाही बरती या तथ्यों को छुपाने की कोशिश की।
कानून-व्यवस्था पर तंज: “भगवान भरोसे है बिहार”
सरकार को घेरते हुए सांसद ने कहा कि यह घटना उस पटना में हुई है जहाँ मुख्यमंत्री और सभी बड़े अधिकारी बैठते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज बिहार में कानून का राज नहीं, बल्कि जंगलराज जैसी स्थिति है, जहाँ न तो सरकार जाग रही है और न ही प्रशासन। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन पूरे राज्य में उग्र रूप ले लेगा।