बिहार से बंगाल तक चिराग पासवान का बड़ा दावा: ‘ममता के विरोध से NDA को होगा फायदा, कांग्रेस में मची है भारी कलह’

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बंगाल में ममता सरकार पर निशाना साधते हुए वहां एनडीए की जीत का दावा किया। साथ ही, उन्होंने नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा' का समर्थन किया और कांग्रेस के विधायकों की गैर-मौजूदगी को पार्टी के भीतर बढ़ती कलह और असंतोष का प्रमाण बताया।

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BNT Desk: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पश्चिम बंगाल और बिहार की राजनीति को लेकर आज कई बड़े बयान दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 और 18 जनवरी के बंगाल दौरे से पहले चिराग ने साफ कर दिया है कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में जल्द ही ‘सबका साथ-सबका विकास’ वाली सरकार बनेगी, क्योंकि वर्तमान सरकार ने केवल भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण को बढ़ावा दिया है।

ममता बनर्जी के विरोध पर चिराग का पलटवार

ममता बनर्जी द्वारा प्रधानमंत्री के दौरे का विरोध किए जाने पर चिराग पासवान ने बिहार का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जैसा विरोध राहुल गांधी ने बिहार में किया था, उसका नतीजा सबके सामने है। बिहार की जनता ने राहुल गांधी को करारा जवाब देते हुए एनडीए की प्रचंड जीत सुनिश्चित की थी। चिराग के अनुसार, जब भी विपक्ष जनता के मुद्दों का या प्रधानमंत्री का विरोध करता है, उसका सीधा फायदा एनडीए को मिलता है। उन्होंने दावा किया कि जो हाल बिहार में विपक्ष का हुआ, बंगाल की जनता उससे भी बुरा हाल ममता बनर्जी की पार्टी का करने वाली है।

नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 जनवरी से पूरे बिहार में ‘समृद्धि यात्रा’ शुरू कर रहे हैं। इस पर खुशी जताते हुए चिराग पासवान ने उन्हें बधाई दी। चिराग ने कहा कि नीतीश कुमार की यह सोच बिहार के विकास के लिए बहुत जरूरी है। इस यात्रा के जरिए मुख्यमंत्री सीधे जनता के बीच जाएंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि एनडीए ने बिहार की जनता से विकास के जो भी वादे किए हैं, इस यात्रा के माध्यम से उन्हें पूरा करने में मदद मिलेगी और राज्य में समृद्धि आएगी।

कांग्रेस में टूट और अंदरूनी कलह पर कसा तंज

कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और विधायकों की नाराजगी पर भी चिराग पासवान ने तीखा हमला बोला। हाल ही में कांग्रेस के ‘चूड़ा-दही’ भोज में विधायकों के शामिल न होने पर उन्होंने कहा कि यह केवल दूरी का मामला नहीं है, बल्कि पार्टी के अंदर असंतोष की साफ झलक है। चिराग ने तंज कसते हुए कहा कि ‘प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं होती’। अगर विधायक अपनी ही पार्टी के कार्यक्रम में नहीं आ रहे हैं, तो साफ है कि कांग्रेस बिखर रही है। एकजुटता केवल बातों में नहीं, व्यवहार में दिखनी चाहिए, जो फिलहाल कांग्रेस में गायब है।

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