बिहार की राजनीति में नई हलचल : क्या JDU में होगी RCP सिंह की वापसी ?

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं। नीतीश कुमार को अपना 'अभिभावक' बताने और 25 साल पुराने रिश्ते का हवाला देने के बाद माना जा रहा है कि वे जल्द घर वापसी कर सकते हैं। अब अंतिम फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेना है।

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BNT Desk: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की जनता दल यूनाइटेड में ‘घर वापसी’ की चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार को अपना ‘अभिभावक’ बताकर आरसीपी सिंह ने खुद इन अटकलों को हवा दी है। सूत्रों के मुताबिक, आरसीपी सिंह ने पार्टी में लौटने की इच्छा जाहिर की है और अब बस मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अंतिम फैसले का इंतजार है।

एक ही कार्यक्रम में मौजूदगी और समर्थकों के नारे

बीते रविवार को पटना में कुर्मी समुदाय के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह, दोनों ही शामिल हुए थे। हालांकि वहां दोनों के बीच सीधी बातचीत नहीं हुई, लेकिन माहौल काफी कुछ कह गया। कार्यक्रम में आरसीपी सिंह के समर्थन में और उनकी वापसी को लेकर नारे भी लगे। जेडीयू के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी के कई नेता भी मानते हैं कि आरसीपी सिंह के पास संगठन चलाने का लंबा अनुभव है, जिसकी जरूरत पार्टी को आने वाले समय में पड़ सकती है।

पुराना रिश्ता और बीच की कड़वाहट

आपको बता दें कि आरसीपी सिंह कभी नीतीश कुमार के सबसे खास सिपहसालार माने जाते थे। साल 1998 से ही वे नीतीश कुमार के साथ हैं और मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं। लेकिन 2022 में ललन सिंह के साथ मतभेदों और कुछ सियासी विवादों के चलते उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। इसके बाद उन्होंने प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज’ का हाथ थाम लिया था, लेकिन अब उन्हें लगता है कि उनका असली भविष्य नीतीश कुमार के साथ ही सुरक्षित है।

फैसले की घड़ी: अब नीतीश कुमार के पाले में गेंद

आरसीपी सिंह ने जेडीयू के लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधा है और अपनी वापसी की मंशा साफ कर दी है। जेडीयू नेताओं का कहना है कि वे लोग जो जन सुराज में चले गए थे, अब वापस आना चाहते हैं क्योंकि उन्होंने नीतीश कुमार के साथ दो दशकों तक काम किया है। फिलहाल जेडीयू की संगठनात्मक मजबूती को देखते हुए इस पर आखिरी मुहर नीतीश कुमार ही लगाएंगे।

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