BNT Desk: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर भयानक रूप ले लिया है। सोमवार, 12 जनवरी की रात से लेकर मंगलवार सुबह तक रूस ने यूक्रेन पर भीषण हवाई हमला किया। इस हमले में रूसी सेना ने एक साथ 293 ड्रोन और 18 मिसाइलें दागीं। यह साल 2026 की शुरुआत का अब तक का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच हुए इस हमले से यूक्रेन के कई शहरों में बिजली गुल हो गई है और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है।
वायु सेना ने दिखाई बहादुरी
यूक्रेन की वायु सेना और डिफेंस यूनिट्स ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस हमले का डटकर मुकाबला किया। रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन ने रूस के 293 ड्रोनों में से 240 को मार गिराया। वहीं, 18 मिसाइलों में से 7 को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल फायर ग्रुप्स और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर यूनिट्स की वजह से एक बड़ी तबाही को काफी हद तक टाल दिया गया, हालांकि कुछ इलाकों में अभी भी नुकसान की खबरें आ रही हैं।
अमेरिका ने जताई गहरी चिंता
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने रूस पर इस युद्ध को जानबूझकर लंबा खींचने का आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की उप राजदूत टैमी ब्रूस ने कहा कि यह हमला तब हुआ है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन शांति के लिए बातचीत की कोशिश कर रहा है। अमेरिका ने ऊर्जा केंद्रों पर बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा की है और इस संघर्ष में जान गंवाने वाले मासूम लोगों के प्रति दुख व्यक्त किया है।
बढ़ता जा रहा है खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अब ‘ओरेश्निक’ जैसी हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ गई है। यूक्रेन में फिलहाल कड़ाके की ठंड पड़ रही है और बिजली न होने के कारण आम नागरिकों का जीवन मुश्किल हो गया है। इस ताजा हमले के बाद यूक्रेन ने सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह युद्ध क्या मोड़ लेता है।