नहीं रहीं दरभंगा राज की आखिरी महारानी, 600 किलो सोना दान करने वाले परिवार का एक युग समाप्त

दरभंगा राज की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे अपनी सादगी और समाज सेवा के लिए जानी जाती थीं। उनके निधन से दानवीर दरभंगा राज परिवार का एक ऐतिहासिक अध्याय समाप्त हो गया, जिसने देश को 600 किलो सोना और एयरपोर्ट की जमीन दान की थी।

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BNT Desk: मिथिला की संस्कृति और दरभंगा राज के गौरवशाली इतिहास का एक बड़ा अध्याय कल समाप्त हो गया। दरभंगा राज की अंतिम जीवित महारानी अधिरानी कामसुंदरी देवी का निधन हो गया है। उन्होंने अपने निवास ‘कल्याणी निवास’ में अंतिम सांस ली। महारानी के निधन की खबर मिलते ही पूरे मिथिला क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वे न केवल एक राजघराने की सदस्य थीं, बल्कि सादगी और सेवा की एक मिसाल भी थीं।

कौन थीं महारानी कामसुंदरी देवी?

महारानी कामसुंदरी देवी का जन्म 1932 में मधुबनी जिले के मंगरौनी गांव में हुआ था। उनका विवाह 5 मई 1943 को महाराजा कामेश्वर सिंह के साथ हुआ था। वे उनकी तीसरी पत्नी थीं। आपको बता दें कि महाराजा की पहली दो पत्नियों का पहले ही निधन हो चुका था। महारानी को उनके मायके में ‘कल्याणी’ नाम से पुकारा जाता था, लेकिन राज परिवार में आने के बाद उन्हें ‘कामसुंदरी’ नाम मिला। वे अपने पीछे त्याग और अनुशासन की एक बड़ी विरासत छोड़ गई हैं।

दान और सेवा में हमेशा आगे रहा परिवार

दरभंगा राज परिवार का इतिहास देश सेवा से भरा रहा है। जब 1962 में भारत-चीन युद्ध हुआ था, तब इसी परिवार ने राष्ट्र की रक्षा के लिए लगभग 600 किलो सोना और अपने तीन निजी विमान सरकार को दान कर दिए थे। महारानी कामसुंदरी देवी ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया। उन्होंने महाराजा की याद में ‘कल्याणी फाउंडेशन’ बनाया, जिसने गरीबों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए बहुत काम किया।

10 हजार करोड़ की संपत्ति और गौरवशाली इतिहास

आज भी दरभंगा राज परिवार के पास 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है। इनके ‘कामेश्वर सिंह रिलीजियस ट्रस्ट’ के पास एक लाख एकड़ जमीन, भारी मात्रा में सोना और देश-विदेश में 108 मंदिर हैं। यहाँ तक कि एक मंदिर पाकिस्तान में भी है। दरभंगा राज ने ही देश की पहली ऐसी रेलगाड़ी शुरू की थी, जिसके तीसरे दर्जे के डिब्बे में शौचालय की सुविधा थी। साथ ही, प्रसिद्ध दरभंगा एयरपोर्ट की जमीन भी इसी परिवार ने दान में दी थी।

गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि

महारानी के निधन पर बिहार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी और दरभंगा के डीएम सहित कई बड़ी हस्तियों ने शोक जताया है। लोगों का कहना है कि महारानी के जाने से एक ऐसा व्यक्तित्व चला गया है जिसने वैभव के बीच रहकर भी हमेशा सादगी को अपनाया। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जा रहा है।

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