BNT Desk: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल के संकेत मिल रहे हैं। नीतीश सरकार में कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान देकर विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के 25 में से 20 विधायक उनके संपर्क में हैं और खरमास खत्म होते ही वे कभी भी पाला बदल सकते हैं। रामकृपाल यादव ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि राजद का अब अंत करीब है।
राजद विधायकों के टूटने का दावा
रामकृपाल यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राजद के पास अब कुछ ही विधायक बचे हैं और उनमें से भी अधिकांश भाजपा और एनडीए के संपर्क में हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि राजद पिछले चुनाव में 78 सीटों से सिमटकर अब 25 पर आ गई है। उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी यादव के विधायक उनसे खुश नहीं हैं और वे बस सही मौके का इंतज़ार कर रहे हैं। खरमास (अशुभ समय) के खत्म होते ही बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिल सकता है।
तेजस्वी यादव को दी नसीहत
राजद नेता तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर निशाना साधते हुए रामकृपाल यादव ने उन्हें जमीन पर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव जनता से दूर हो चुके हैं। वह विदेश यात्राओं में व्यस्त हैं, जबकि उनके अपने विधायक साथ छोड़ रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि तेजस्वी यादव का मुख्यमंत्री बनने का सपना कभी पूरा नहीं होगा क्योंकि जनता ने अब राजद को पूरी तरह से नकार दिया है। मंत्री ने आरोप लगाया कि लालू परिवार लैंड फॉर जॉब केस और हार के गम से उबर नहीं पा रहा है।
दही-चूड़ा भोज और आगे की रणनीति
मकर संक्रांति के मौके पर होने वाले तेज प्रताप यादव के ‘दही-चूड़ा भोज’ पर जब उनसे सवाल पूछा गया, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि अभी तक उन्हें कोई न्योता नहीं मिला है। उन्होंने साफ किया कि अगर निमंत्रण मिलता भी है, तो वह पार्टी के फैसले के बाद ही वहां जाने का निर्णय लेंगे। रामकृपाल यादव, जिन्हें कभी लालू यादव का ‘हनुमान’ कहा जाता था, अब पूरी तरह से राजद के खिलाफ आक्रामक मोड में नजर आ रहे हैं।
क्या वाकई पलटेगी बाजी?
बिहार की सियासत में ‘खरमास’ के बाद अक्सर बड़े बदलाव देखे जाते हैं। रामकृपाल यादव के इस ताजा दावे ने सियासी गलियारों में चर्चा तेज कर दी है कि क्या वाकई मकर संक्रांति के बाद नीतीश-भाजपा सरकार और मजबूत होगी? हालांकि राजद की ओर से अभी इस पर कोई बड़ी प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन 20 विधायकों के संपर्क में होने की बात ने तेजस्वी यादव की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं।