पटना–कटिहार के बीच कामाख्या एक्सप्रेस में चोरी का तांडव, दर्जनभर यात्री बने शिकार

जोधपुर-कामाख्या एक्सप्रेस (15623) में पटना से कटिहार के बीच चोरों ने करीब एक दर्जन यात्रियों के मोबाइल, नकदी और सोने के गहने उड़ा लिए। वारदात बुधवार-गुरुवार की रात सेकंड एसी कोच में हुई। सुबह नींद खुलने पर यात्रियों को चोरी का पता चला, जिसके बाद कटिहार स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा हुआ।

BNT
By
2 Min Read

BNT Desk: जोधपुर से कामाख्या जा रही कामाख्या एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 15623) में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात चोरों ने जमकर उत्पात मचाया। चोरों ने सोते हुए यात्रियों के कीमती मोबाइल, पर्स, भारी मात्रा में कैश और सोने के गहनों पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

नींद खुली तो उड़ चुके थे लाखों के सामान

जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब ट्रेन पटना से खुलकर कटिहार की ओर बढ़ रही थी। आधी रात को जब यात्री गहरी नींद में थे, तभी चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। सुबह जब यात्रियों की आंख खुली, तो उनके पास रखे मोबाइल और बैग गायब थे। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि चोरी की अधिकतर शिकायतें सेकंड एसी (2nd AC) कोच से आई हैं, जिसे काफी सुरक्षित माना जाता है।

लगभग एक दर्जन यात्री हुए शिकार

इस घटना में करीब एक दर्जन यात्रियों का सामान चोरी हुआ है। पीड़ित यात्री कमलेश कुमार ने बताया कि जब वे सुबह उठे तो उनका मोबाइल और पर्स गायब था। वहीं एक अन्य यात्री केशव का कहना है कि ट्रेन में सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं था। यात्रियों का आरोप है कि अगर कोच में पुलिस या गार्ड्स की गश्त (पेट्रोलिंग) होती, तो शायद चोरों की हिम्मत इतनी नहीं बढ़ती।

कटिहार स्टेशन पर जमकर हुआ हंगामा

जैसे ही ट्रेन कटिहार स्टेशन पहुंची, पीड़ित यात्रियों ने अपनी आपबीती सुनाई और रेलवे पुलिस से इसकी शिकायत की। यात्रियों में रेलवे प्रशासन के खिलाफ काफी गुस्सा देखा गया। लोगों का कहना है कि भारी-भरकम किराया देने के बाद भी अगर एसी कोच में सामान सुरक्षित नहीं है, तो फिर आम आदमी कहाँ जाए? फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और चोरों का सुराग लगाने की कोशिश में जुटी है।

Share This Article