BNT Desk: अचानक हुए निरीक्षण से कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कृषि मंत्री के पहुंचते ही विभाग में अफरातफरी का माहौल बन गया। सभी अधिकारी और कर्मचारी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए। मंत्री ने मौके पर ही स्थिति का जायजा लेना शुरू कर दिया।
खाद-बीज दुकानों की गहन जांच
निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने खाद और बीज की दुकानों पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने दुकानों के स्टॉक रजिस्टर की जांच की और गोदामों में रखे उर्वरक एवं बीज की उपलब्धता की समीक्षा की। इसके साथ ही किसानों को खाद और बीज के वितरण की प्रक्रिया को भी बारीकी से देखा गया।
गुणवत्ता और कीमत पर सवाल
कृषि मंत्री ने दुकानदारों से खाद और बीज की गुणवत्ता, उनके दाम और बिक्री प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि किसानों को सरकारी दर पर सामग्री मिल रही है या नहीं। मंत्री ने साफ कहा कि किसानों को सही गुणवत्ता का खाद और बीज तय मूल्य पर मिलना चाहिए।
कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कालाबाजारी, जमाखोरी और किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं भी गड़बड़ी पाई गई, तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नियमित निरीक्षण के निर्देश
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से खाद-बीज दुकानों और गोदामों का निरीक्षण करें। इससे समय रहते गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सकेगी और किसानों को राहत मिलेगी।
किसानों की समस्याएं सुनी गईं
निरीक्षण के दौरान स्थानीय किसान भी मौजूद थे। किसानों ने अपनी समस्याएं सीधे कृषि मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया और किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।