BNT Desk: मकर संक्रांति के मौके पर होने वाले पारंपरिक ‘दही-चूड़ा भोज’ ने राज्य का सियासी पारा चढ़ा दिया है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव बुधवार को अचानक डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के आवास पर पहुंच गए। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई, जिसके बाद अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
दुश्मनी किनारे, त्योहार का न्योता पहले
तेज प्रताप यादव ने विजय कुमार सिन्हा से मुलाकात कर उन्हें मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले दही-चूड़ा भोज में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। राजनीति में अक्सर एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने वाले ये नेता जब एक साथ बैठे दिखे, तो हर कोई हैरान रह गया। तेज प्रताप ने खुद विजय सिन्हा के साथ अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है, जो अब खूब वायरल हो रही है।
इन दिग्गजों को भी भेजा गया बुलावा
सिर्फ विजय सिन्हा ही नहीं, तेज प्रताप यादव ने नीतीश सरकार के पंचायती राज मंत्री और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को भी इस भोज के लिए आमंत्रित किया है। तेज प्रताप ने साफ किया है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत बिहार के सभी बड़े नेताओं को इस भोज के लिए न्योता भेजा जाएगा।
क्या हैं इस मुलाकात के सियासी मायने?
बिहार में मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा का भोज सिर्फ खाने-पीने का कार्यक्रम नहीं होता, बल्कि यह बड़े राजनीतिक बदलावों का गवाह भी रहा है। ऐसे में तेज प्रताप यादव का खुद चलकर एनडीए (NDA) नेताओं के घर जाना और उन्हें न्योता देना, राज्य में किसी नए समीकरण की ओर इशारा तो नहीं? हालांकि, तेज प्रताप इसे एक शिष्टाचार भेंट बता रहे हैं, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस ‘खिचड़ी’ में कुछ तो नया पक रहा है।