BNT Desk: राज्य में 5 नए स्टेट हाईवे (राजकीय राजमार्ग) बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने इन सड़कों के निर्माण के लिए मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के लिए बिहार सरकार को करीब 2900 करोड़ रुपये ($200 मिलियन) की मदद मिलेगी। इन सड़कों के बनने से बिहार के 10 से ज्यादा जिलों में आवाजाही आसान हो जाएगी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
पथ निर्माण विभाग के अनुसार, इन सड़कों के बनने से मुख्य रूप से भोजपुर, मुंगेर, बांका, नवादा, गया, नालंदा, सारण और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों को सीधा लाभ होगा। वर्तमान में इनमें से अधिकतर सड़कें सिंगल लेन (एक तरफा) हैं, जिन्हें अब कम से कम दो लेन तक चौड़ा किया जाएगा। ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए इनकी चौड़ाई और भी बढ़ाई जा सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि काम शुरू होने के अगले दो साल के भीतर इन सड़कों को पूरा कर लिया जाए।
कहाँ और कितनी लंबी बनेगी सड़कें?
इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 225 किलोमीटर लंबी सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। मुख्य प्रोजेक्ट्स में गया जिले की बनगंगा-जेठियन-गहलौर सड़क (41.256 किमी), भोजपुर की आरा-एकौना-सहार रोड (32 किमी) और मुजफ्फरपुर की हथौड़ी-अतरार-औरई रोड (21 किमी) शामिल है। इसके अलावा सारण और सीवान को जोड़ने वाली छपरा-मांझी रोड पर भी काम होगा। मुजफ्फरपुर वाले प्रोजेक्ट में एक बड़ा हाईलेवल ब्रिज भी बनाया जाएगा, जिस पर करीब 814 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
एजेंसियों को काम शुरू करने का मिला आदेश
ADB से हरी झंडी मिलते ही बिहार राज्य पथ विकास निगम ने चयनित कंपनियों को काम शुरू करने की अनुमति दे दी है। खास बात यह है कि जैसे-जैसे सड़कों का निर्माण आगे बढ़ेगा, चरणों में पैसा जारी किया जाएगा। इन सड़कों के चौड़ीकरण से न सिर्फ सफर का समय बचेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों का शहर से संपर्क भी बेहतर होगा। उम्मीद है कि अगले कुछ ही दिनों में जमीन पर काम शुरू होता दिखाई देगा।