पटना नगर निगम ने 9 महीने में 63 करोड़ से अधिक टैक्स वसूला, ऑनलाइन भुगतान से मिला बड़ा हिस्सा

पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक संपत्ति कर और कचरा शुल्क से 63.15 करोड़ रुपये वसूले हैं। इसमें 33.88 करोड़ ऑनलाइन भुगतान से मिले हैं, जबकि OTS योजना से 5.92 करोड़ की वसूली हुई है।

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BNT Desk: पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के पहले नौ महीनों में संपत्ति कर और कचरा शुल्क के रूप में 63.15 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जुटाया है। यह वसूली 1 अप्रैल 2025 से 29 दिसंबर 2025 के बीच की गई है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है और इससे शहर के विकास कार्यों के लिए आर्थिक मजबूती मिलेगी। निगम का लक्ष्य चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक कर वसूली को और बढ़ाना है।

ऑनलाइन भुगतान से मिली बड़ी रकम

कुल वसूली गई राशि में से 33.88 करोड़ रुपये ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुए हैं, जबकि शेष राशि ऑफलाइन भुगतान से आई है। इससे साफ है कि पटना के नागरिक तेजी से डिजिटल भुगतान की ओर बढ़ रहे हैं। नगर निगम को कुल 1,77,503 होल्डिंग्स से टैक्स प्राप्त हुआ, जिनमें से 1,04,847 होल्डिंग्स ने ऑनलाइन भुगतान किया। अजीमाबाद, बांकीपुर, कंकड़बाग, नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र और पटना सिटी अंचलों से सबसे अधिक टैक्स संग्रह हुआ।

ओटीएस योजना से बकाया टैक्स की वसूली

पटना नगर निगम द्वारा लागू की गई वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना से भी राजस्व संग्रह को बढ़ावा मिला है। इस योजना के तहत अब तक 5.92 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। इसमें 3.18 करोड़ रुपये ऑफलाइन और 2.74 करोड़ रुपये ऑनलाइन माध्यम से जमा हुए हैं। नगर निगम ने बताया कि यह योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी, जिससे बकाया टैक्स जमा करने वालों को राहत मिलेगी।

शहर के विकास कार्यों में होगा राजस्व का उपयोग

नगर निगम द्वारा जुटाए गए इस राजस्व का उपयोग शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, सड़क निर्माण, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर टैक्स जमा करें और OTS योजना का लाभ उठाएं, ताकि पटना शहर को और अधिक स्वच्छ और सुविधाजनक बनाया जा सके।

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