रोहतास में रोपवे हादसे के बाद मंत्री दिलीप जायसवाल ने 2 इंजीनियर सस्पेंड और कंपनी ब्लैकलिस्ट की

रोहतास में ट्रायल रन के दौरान रोपवे गिरने के बाद बिहार सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए दो इंजीनियरों को निलंबित कर दिया और निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। विस्तृत जांच जारी है।

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BNT Desk: बिहार के रोहतास जिले में निर्माणाधीन रोपवे (Ropeway) का परीक्षण के दौरान गिरने की घटना के बाद सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। यह हादसा ट्रायल रन के दौरान हुआ था, जब एक तार फंसने से रोपवे का मुख्य ढांचा और एक टावर क्षतिग्रस्त हो गया था। सौभाग्य से, उस समय किसी व्यक्ति के अंदर नहीं होने के कारण किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हादसे की उच्चस्तरीय जांच बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड की समिति ने की थी।

मंत्री दिलीप जायसवाल की सख्त कार्रवाई

पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने जांच रिपोर्ट के आधार पर तुरंत कठोर कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि रोपवे निर्माण में दोष पाए गए दो इंजीनियरों — एक प्रोजेक्ट इंजीनियर और एक जूनियर इंजीनियर — को तत्काल निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। साथ ही, जिसने इस रोपवे का निर्माण किया था उस निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है ताकि वह भविष्य में किसी भी सरकारी प्रोजेक्ट में हिस्सा न ले सके।

क्या हुआ था हादसे के दौरान?

जानकारी के अनुसार यह रोपवे रोहतासगढ़ किले और रोहितेश्वर धाम को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹12.65 करोड़ थी और इसमें 18 केबिन और पांच पिलर शामिल थे। ट्रायल के दौरान चार खाली केबिनों को परीक्षण के लिए भेजा गया था, तभी वायर के फंसने से अत्यधिक दबाव पड़ा और एक पिलर तथा मेन टावर क्षतिग्रस्त हो गया। जांच अधिकारीयों ने बताया कि संवेदक का प्रतिनिधि टर्मिनल पॉइंट पर मौजूद नहीं था, जो कि सुरक्षा के लिए आवश्यक था।

आगे की कार्रवाई और सुरक्षा उपाय

मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ आगे की जांच जारी रहेगी और अगर विस्तृत जांच में कोई और लापरवाही या दोष मिलता है तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, रोपवे को आम जनता के लिए शुरू किए जाने से पहले सभी परीक्षणों और सुरक्षा मानकों को पूरा करना आवश्यक होगा।

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