BNT Desk: बिहार की राजनीति में एक बार फिर ‘बंगले’ को लेकर घमासान शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपना सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड खाली तो कर दिया है, लेकिन अब JDU ने इस पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरोप लगाया है कि जब राबड़ी देवी और उनका परिवार घर पर नहीं था, तब आधी रात को पिकअप वैन से सामान बाहर निकाला गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर अंधेरे में ऐसी क्या हड़बड़ी थी कि चुपके से सामान हटाना पड़ा?
क्या गमले और टोंटी भी ले गए साथ?
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने भवन निर्माण विभाग को एक चिट्ठी लिखकर सख्त निगरानी की मांग की है। उनका कहना है कि आवास से सरकारी गमले और पौधे भी बाहर ले जाए गए हैं। नीरज कुमार ने विभाग से पूछा है कि क्या ये पौधे उद्यान विभाग के थे या निजी? उन्होंने मांग की है कि बंगले में लगे पंखे, एसी (AC), बाथरूम की टोंटी, गीजर, कमोड और खिड़की-दरवाजों के पर्दों की जांच की जाए कि क्या वे अभी भी अपनी जगह पर सुरक्षित हैं या नहीं।
बिना अनुमति परिसर में कैसे घुसी गाड़ियां?
जेडीयू ने इस मामले में सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं। चिट्ठी में पूछा गया है कि जब लालू यादव और राबड़ी देवी घर पर मौजूद नहीं थे, तो पिकअप वैन को अंदर जाने की इजाजत किसने दी? नीरज कुमार का कहना है कि राबड़ी देवी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है, इसलिए यह उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे सारा सरकारी सामान विभाग को सही-सलामत सौंपें। उन्होंने एक वीडियो जारी कर सरकार से पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और निगरानी कराने का आग्रह किया है।
नोटिस के बाद मिला है नया पता
आपको बता दें कि बिहार सरकार ने 25 नवंबर 2025 को राबड़ी देवी को बंगला खाली करने का नोटिस दिया था। अब उन्हें विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते पटना के हार्डिंग रोड पर 39 नंबर का नया बंगला आवंटित किया गया है। लेकिन नए घर में शिफ्ट होने से पहले पुराने बंगले के सामान की इस ‘लिस्ट’ ने बिहार की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह है कि RJD इस ‘सामान चोरी’ के आरोपों पर क्या सफाई देती है।