BNT Desk: अगर आप भी 2026 में होने वाली JEE Main परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आगामी सत्र के लिए रजिस्ट्रेशन के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या इस बार फॉर्म भरते समय ‘अपार आईडी’ (APAAR ID) अनिवार्य होगी? NTA ने अब साफ़ कर दिया है कि JEE Main 2026 के एप्लीकेशन फॉर्म में APAAR ID डालना पूरी तरह से ऑप्शनल (वैकल्पिक) है। यानी इसके बिना भी आप अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं।
क्या है APAAR ID और यह क्यों है खास?
APAAR ID का पूरा नाम ‘ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री’ है। इसे भारत सरकार की ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ योजना के तहत शुरू किया गया है। यह 12 अंकों का एक खास नंबर होता है, जो हर छात्र को एक डिजिटल पहचान देता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आपकी मार्कशीट, डिग्री और अवॉर्ड्स जैसे सभी एकेडमिक रिकॉर्ड एक ही जगह सुरक्षित रहते हैं। यह सीधे आपके आधार कार्ड और डिजिलॉकर से जुड़ा होता है, जिससे भविष्य में कॉलेज एडमिशन और नौकरी के समय दस्तावेजों के सत्यापन में बहुत आसानी होती है।
कैसे बनाएं अपनी APAAR ID? स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
भले ही यह JEE फॉर्म के लिए अनिवार्य न हो, लेकिन भविष्य के लिए इसे बनवा लेना समझदारी है। इसे आप घर बैठे दो तरीकों से बना सकते हैं:
सबसे पहले abc.gov.in या digilocker.gov.in पोर्टल पर जाएं।
‘My Account’ में जाकर ‘Student’ ऑप्शन चुनें और अपने मोबाइल नंबर व आधार के जरिए लॉगिन करें।
‘Search Documents’ में जाकर ‘APAAR ID Card’ सर्च करें।
अपना संस्थान, एडमिशन का साल और रोल नंबर जैसी बेसिक डिटेल्स भरें।
सबमिट करते ही आपका कार्ड जेनरेट हो जाएगा, जिसे आप डिजिलॉकर से डाउनलोड कर सकते हैं।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
NTA का कहना है कि हालांकि फॉर्म भरते समय यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे इसे पहले से तैयार रखें। इससे रजिस्ट्रेशन के दौरान आपकी पर्सनल और एकेडमिक डिटेल्स अपने आप फेच (Fetch) हो जाती हैं, जिससे फॉर्म में गलती होने की गुंजाइश कम हो जाती है। स्कूल जाने वाले छात्रों को अक्सर स्कूल की तरफ से ही प्रोविजनल आईडी मिल जाती है, जिसे बाद में वेरिफाई करना होता है। अपनी तैयारी के साथ-साथ इन डिजिटल दस्तावेजों को भी अपडेट रखें ताकि आखिरी समय में कोई भागदौड़ न करनी पड़े।